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ठंड में रूखी त्वचा से है परेशान ? आयुर्वेद ने बताया सही रूटीन

सर्दियों का मौसम अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है। बालों से लेकर त्वचा तक में कई ऐसे बदलाव देखने को मिलते हैं। जिसकी वजह से ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं। डैंड्रफ, रूखे, और बेजान बालों के अलावा स्किन फटने या फिर ड्राई होने की समस्या भी बनी रहती है। त्वचा की बात करें तो चेहरे के साथ-साथ हाथ और पैर भी फटने लगते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, हेयर फॉल के बाद सबसे ज्यादा लोगों की शिकायत अपनी स्किन को लेकर होती है। ठंडी हवाओं का प्रभाव आपकी त्वचा को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है।

आयुर्वेद में इस समस्या से निपटने के लिए कई ट्रीटमेंट हैं, जिसके बारे में डॉक्टर दीक्षा भावसार ने बताया है। यह आयुर्वेदिक तरीके आपकी स्किन को हेल्दी रखने के साथ-साथ शारीरिक परेशानियों को भी दूर करते हैं। हाल ही में डॉक्टर दीक्षा भावसार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर इससे निपटने के लिए आयुर्वेदिक उपाय बताए हैं। यह स्किन केयर रूटीन आपको ना सिर्फ ड्राइनेस से बचाएगा बल्कि आपकी त्वचा को नेचुरल तरीके से हेल्दी भी रखेगा। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

​अभ्यंग (तेल मालिश)

अभ्यंग का मतलब तेल मालिश, आयुर्वेद सर्दियों के दौरान इस प्रक्रिया को करने का सुझाव देता है। डॉक्टर दीक्षा भावसार के अनुसार, अभ्यंग नॉरिश करने के साथ-साथ एजिंग की समस्या को भी धीरे करता है। इसके अलावा थकान और वात दोष यानी दर्द, जो सर्दियों में त्वचा के रूखेपन का कारण बनता है, उसे भी शांत करता है। बता दें कि अभ्यंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जो शरीर में तेल पहुंचाने के लिए गर्म तेल से मालिश की जाती है।

​आतप-सेवन

सर्दियों के मौसम में सुबह की सूरज की किरणें आपके शरीर और त्वचा में गर्माहट लाने का काम करती हैं। इससे शरीर के साथ-साथ त्वचा को भी फायदा होता है। ऐसे में आयुर्वेद आतप सेवन का सुझाव देता है। आपकी त्वचा में मौजूद तेल को शरीर के अंदर अच्छी तरह अब्सॉर्ब करने में अभ्यंग आपकी मदद करता है। इससे आपकी स्किन ड्राई नहीं होती और यह विटामिन डी के साथ जुड़कर फायदा पहुंचाता है।

​सर्दियों में व्यायाम करने के फायदे

डॉक्टर दीक्षा भावसार ने बताया सर्दियों का मौसम एक्सरसाइज के लिए बेस्ट है। हालांकि, इस सीजन में शरीर की ताकत सबसे अधिक होती है, इसलिए धूप में अपनी क्षमता के अनुसार, व्यायाम करके आपको पूरे दिन गर्मी और ऊर्जावान रहने में मदद मिलती है। यह आपके शरीर की आग को उत्तेजित करता है जो आपकीत्वचा को गर्म रखता है और पाचन क्षमता को सबसे अच्छा रखता है, जिससे आपको सर्दियों के दौरान खाने वाले सभी हेल्दी फैट को पचाने में सहायता मिलेगी, इसके अलावा त्वचा को सॉफ्ट और मॉइस्चराइज रखने में भी मदद मिलती है।

गर्म शॉवर का ऑप्शन चुनें

आयुर्वेद सर्दियों में गर्म पानी (ज्यादा गर्म नहीं) से नहाने का सुझाव देता है। गर्म पानी से नहाने से आपकी त्वचा अधिक डीहाइड्रेट हो जाती है और इससे आपकी त्वचा फटने या फिर उसमें दरारें पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बेहतर है कि आप गर्म पानी की जगह गर्म शॉवर का ऑप्शन चुनें। नहाने का ये तरीका आपकी स्किन फटने से बचाएगा।

​नस्य लेने के फायदे

नस्य का मतलब अपने नाक में औषधीय तेल डालना। यह आयुर्वेदिक तरीका आपको सिर दर्द, माइग्रेन, साइनस, एलर्जी या फिर नोज ब्लीडिंग जैसी चीजों से राहत दिलाने में मदद करता है। इसके अलावा यह हेयर फॉल, ग्रे हेयर, नींद ना आने की समस्या और ऐसी तमाम परेशानियों को ठीक करने के लिए कारगर है। इसके लिए आप 2 बूंद गाय का घी इस्तेमाल कर सकती हैं। अगर गाय का घी नहीं है तो उसकी जगह तिल के तेल या फिर अणु तेल को भी इस्तेमाल कर सकती हैं। सर्दियों में सोने से पहले यह तरीका जरूर आजमाएं।

​पादाभ्यंग थेरेपी

पादाभ्यंग एक तरह की थेरेपी है, जिसमें पैरों की मसाज की जाती है। गाय का घी, सरसों या फिर तिल का तेल इसके लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आपके पैरों को फटने से बचाता है, साथ ही आपके दिमाग और शरीर को शांत करता है। इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार लाता है।

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