ईरान पर ट्रंप का कड़ा रुख: कूटनीति खत्म, नए टैरिफ लागू, प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है, ईरान से जुड़े कारोबार पर नए टैरिफ लागू कर दिए हैं और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ईरानी नागरिकों से आंदोलन जारी रखने की अपील की है। ट्रंप ने कहा कि यह कदम ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही हिंसा के चलते उठाया गया है। डेट्रॉइट इकोनॉमिक क्लब में दिए गए भाषण में उन्होंने कहा, “जब तक प्रदर्शनकारियों की बेमतलब हत्याएं बंद नहीं होतीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं।”
उन्होंने ईरान में मौजूदा हालात को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ईरानी देशभक्तों’ को संबोधित करते हुए उनसे विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की। ट्रंप ने कहा, “सभी ईरानी देशभक्तों से मेरी अपील है कि प्रदर्शन करते रहिए। यदि संभव हो तो अपनी संस्थाओं पर नियंत्रण हासिल कीजिए।”
उन्होंने दोषियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान में मौतों के आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं। “मुझे पांच तरह के आंकड़े सुनने को मिल रहे हैं, लेकिन एक मौत भी बहुत ज्यादा है। जवाबदेही तय होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप ने बताया कि ईरान पर नया दबाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने कहा, “मैंने ईरान के साथ कारोबार करने वाले हर व्यक्ति और देश पर टैरिफ लगा दिए हैं। यह आज से लागू हो गया है।”
ट्रंप ने टैरिफ को अपनी विदेश नीति का अहम हथियार बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करना है। उन्होंने ‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के मौजूदा नेतृत्व की आलोचना की और कहा कि ईरान एक महान देश है, लेकिन उसके शासकों ने उसे नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि बाहरी दबाव से ईरान में बदलाव आएगा और कहा, “मैं बस इतना कहता हूं कि मदद रास्ते में है।”
ट्रंप ने टैरिफ को लंबे सैन्य अभियान का बेहतर विकल्प बताते हुए कहा कि व्यापारिक दबाव से पहले भी कई मामलों में ठोस नतीजे मिले हैं। उन्होंने ईरान को लेकर परमाणु ठिकानों पर हमलों और आतंकी नेताओं के खिलाफ अभियानों का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि जो देश अमेरिका की व्यापार और सुरक्षा से जुड़ी मांगों का विरोध करते हैं, उन पर भी टैरिफ लगाए जाते हैं। उनके अनुसार, टैरिफ कूटनीति से अधिक प्रभावी दबाव बनाते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकार रिकॉर्ड लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का कारण रहे हैं। अमेरिका पहले भी प्रतिबंधों, टैरिफ और द्वितीयक प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बनाता रहा है, ताकि सीधे सैन्य टकराव से बचते हुए अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत रखी जा सके।



