अन्तर्राष्ट्रीय

शांति बोर्ड के साथ काम करे संयुक्त राष्ट्र, दावोस से वाशिंगटन लौटने के बाद बोले ट्रंप

वॉशिंगटन डीसी : अमेरिका (US) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विश्व आर्थिक मंच में हिस्सा लेने के बाद शुक्रवार (स्थानीय समय) को वॉशिंगटन डीसी लौटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि शांति बोर्ड ऐसी पहल है, जैसी दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी- बेहद खास। ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को गाजा और अन्य संघर्षों पर बने नए शांति बोर्ड के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने तर्क दिया कि यह वैश्विक संस्था अपनी क्षमता के अनुरूप काम नहीं कर पाई है और यह नई पहल संयुक्त राष्ट्र के लिए अच्छी चीज हो सकती है।

ट्रंप ने कहा, मुझे नहीं पता कि मैं यह चाहता हूं या नहीं, लेकिन यह पहल गाजा में बहुत अच्छी काम करेगी और शायद दूसरी चीजों पर भी। आप जानते हैं..यह गाजा से आगे भी हो सकता है। हम संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करेंगे। मैंने हमेशा कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में बहुत क्षमता है। लेकिन वह उस पर खरा नहीं उतरा। मैं आठ युद्धों (को रोकने) की बात करता हूं और मैंने कभी उससे (यूएन) बात नहीं की। आप सोचते होंगे कि मैंने उससे (यूएन) बहुत बात की होगी। लेकिन संयुक्त राष्ट्र में बहुत क्षमता है। मुझे लगता है कि शांति बोर्ड के साथ काम करना संयुक्त राष्ट्र के लिए अच्छी बात होगी।

ट्रंप ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में औपचारिक रूप से शांति बोर्ड की शुरुआत की। उन्होंने इसके चार्टर पर हस्ताक्षर किए और इसे वैश्विक संघर्षों के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। इससे पहले ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र पर निशाना साधा था और कहा था कि उसकी अक्षमता के कारण ही उन्हें गाजा के लिए शांति बोर्ड बनाने का फैसला करना पड़ा, ताकि पश्चिम एशिया में संघर्ष खत्म करने के लिए 20-सूत्रीय शांति योजना को लागू किया जा सके। मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, हमने अभी शांति बोर्ड बनाया है, जो मुझे लगता है कि बहुत शानदार होने वाला है। काश संयुक्त राष्ट्र और ज्यादा कर पाता। काश हमें शांति बोर्ड की जरूरत ही न पड़ती। मैंने जितने भी युद्ध सुलझाए, संयुक्त राष्ट्र ने एक भी युद्ध में मेरी मदद नहीं की।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह चाहते हैं कि शांति बोर्ड संयुक्त राष्ट्र की जगह ले, तो ट्रंप ने कहा, संयुक्त राष्ट्र बहुत मददगार नहीं रहा है। मैं संयुक्त राष्ट्र की क्षमता का बड़ा समर्थक हूं। लेकिन वह कभी अपनी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर पाया। संयुक्त राष्ट्र को उन सभी मुद्दों को सुलझाना चाहिए था, जिन्हें मैंने सुलझाया। मैं कभी उसके पास नहीं गया। मैंने उसके पास जाने के बारे में सोचा भी नहीं। संयुक्त राष्ट्र को चलते रहना चाहिए, क्योंकि उसकी क्षमता बहुत बड़ी है।

ट्रंप ने शांति बोर्ड का प्रस्ताव पिछले सितंबर में गाजा युद्ध को खत्म करने की अपनी योजना के तहत रखा था। हालांकि, अब यह पहल व्यापक रूप से वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता करने की दिशा में बढ़ती दिख रही है। 60 देशों के नेताओं को एक नए निकाय में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है, जिसका मकसद स्थिरता को बढ़ावा देना और संघर्ष के बाद पुनर्निर्माण की निगरानी करना है, खासतौर पर गाजा पट्टी में।

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