
UP News: ‘नेटग्रिड पोर्टल’ इस्तेमाल में यूपी 15वें स्थान पर, DGP ने तय की अधिकारियों की जवाबदेही
उत्तर प्रदेश पुलिस के कामकाज को और प्रभावी बनाने के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा विकसित नेटग्रिड के ‘गांडीव’ और ‘सुदर्शन’ पोर्टल आतंकवाद और संगठित अपराध की रोकथाम में अहम भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में इनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
फरवरी समीक्षा में यूपी की रैंकिंग 15वीं
गृह मंत्रालय की ओर से जारी फरवरी माह की समीक्षा रिपोर्ट में नेटग्रिड पोर्टलों के उपयोग के मामले में उत्तर प्रदेश देशभर में 15वें स्थान पर रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए डीजीपी ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
साप्ताहिक और मासिक समीक्षा में होगी मॉनिटरिंग
डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि अब संबंधित अधिकारी साप्ताहिक और मासिक समीक्षा बैठकों में ‘गांडीव’ और ‘सुदर्शन’ पोर्टल के उपयोग की नियमित समीक्षा करेंगे। इसका उद्देश्य इन तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ाना है, ताकि अपराध नियंत्रण में तेजी लाई जा सके।
अपराधियों का विस्तृत डेटा उपलब्ध
दोनों पोर्टलों पर विभिन्न अपराधियों और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है। इनका उपयोग कर पुलिस संवेदनशील मामलों की जांच को और मजबूत बना सकती है।
साइबर अपराध और संगठित अपराध पर फोकस
इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराधों की रोकथाम में ‘सुदर्शन’ पोर्टल को काफी कारगर बताया गया है। वहीं ‘गांडीव’ पोर्टल संवेदनशील और जटिल आपराधिक मामलों को सुलझाने में पुलिस की मदद कर रहा है।
रैंकिंग सुधारने पर जोर
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन पोर्टलों के इस्तेमाल को प्राथमिकता दें और राज्य की रैंकिंग को बेहतर करने के लिए ठोस प्रयास करें, ताकि अपराध नियंत्रण में तकनीक का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।



