उत्तर प्रदेशराज्य

डेयरी सेक्टर में यूपी की बड़ी छलांग: ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ से किसानों की आय बढ़ाने का रोडमैप, 204 यूनिट्स स्थापित करने का लक्ष्य

लखनऊ से बड़ी खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश डेयरी सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ के जरिए सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अगले तीन वर्षों के भीतर प्रदेश में 204 डेयरी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है, जिसकी निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है ताकि बैंक ऋण और अनुदान वितरण में किसी प्रकार की देरी न हो।

पिछले लक्ष्य पूरे होने की ओर, जमीन पर दिख रहा असर
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए निर्धारित 50 इकाइयों का लक्ष्य लगभग पूरा होने की स्थिति में है। मेरठ और लखनऊ में बैंक ऋण की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जबकि प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर और बरेली मंडलों में प्रथम और द्वितीय किश्त के अनुदान का वितरण तेजी से जारी है। इससे स्पष्ट है कि योजना का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो रहा है।

2024-25 में 8 मंडलों में 40 नई इकाइयों पर फोकस
योजना के दूसरे चरण यानी वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8 मंडल मुख्यालयों पर 40 नई डेयरी इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मिर्जापुर, बस्ती, आजमगढ़ और अलीगढ़ में 18 बैंक ऋण के मामले प्रक्रिया में हैं, जबकि 32 लाभार्थियों को प्रथम किश्त का अनुदान जारी करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का जोर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर है।

2025-26 के लिए बड़ा विस्तार, 57 जिलों तक पहुंचेगी योजना
आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है, जिसके तहत योजना का विस्तार 57 जनपदों तक किया जाएगा। इन जिलों में कुल 114 डेयरी इकाइयों की स्थापना की जाएगी, यानी प्रत्येक जिले में दो इकाइयां स्थापित होंगी। जौनपुर, जालौन और देवरिया में ऋण स्वीकृति का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि अन्य जिलों में भी अनुदान वितरण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है।

समयबद्ध क्रियान्वयन पर सरकार का सख्त रुख
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अनुदान वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ के जरिए न केवल प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पशुपालकों को उद्यमी बनाकर उनके जीवन स्तर में भी सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा।

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