अमेरिकी सेना का सीरिया में ISIS पर बड़ा हमला, कई ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक

न्यूयार्क: अमेरिकी सेना ने शनिवार को सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ एक बार फिर जोरदार जवाबी हमला किया है। यह हमला उस घातक हमले के बदले में किया गया, जो पिछले महीने पामायरा में हुआ था और जिसमें अमेरिकी सेना के 2 जवान और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया (इंटरप्रेटर) मारे गए थे।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये हमले अमेरिकी समय अनुसार दोपहर 12:30 बजे किए गए। अमेरिकी सेना ने अपने सहयोगी देशों की सेनाओं के साथ मिलकर सीरिया के कई इलाकों में ISIS के ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में ISIS के ठिकाने, हथियारों के अड्डे और उनके नेटवर्क को टारगेट किया गया।
क्यों हुआ यह हमला?
यह हमला उस आतंकवादी घटना का बदला है जो पिछले महीने पामायरा में हुई थी, जिसमें ISIS ने घात लगाकर हमला किया था।
इस हमले में मारे गए थे:
सार्जेंट एडगर ब्रायन टॉरेस-टोवार
सार्जेंट विलियम नथानियल हॉवर्ड
अयाद मंसूर सकत, एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया
दोनों सैनिक Iowa National Guard के सदस्य थे।
‘अगर हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाया, तो दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढकर मारेंगे’– अमेरिका
CENTCOM ने कड़े शब्दों में कहा: “हमारा संदेश साफ है – अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालेंगे और मार गिराएंगे, चाहे आप कितनी भी कोशिश करें बचने की।”
ऑपरेशन का नाम: ‘Operation Hawkeye Strike’
अमेरिकी सरकार ने पामायरा हमले के जवाब में शुरू किए गए इस अभियान को “ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक (Operation Hawkeye Strike)” नाम दिया है। इस ऑपरेशन की शुरुआत 19 दिसंबर को हुई थी जब अमेरिका ने सीरिया के मध्य हिस्से में ISIS के 70 ठिकानों पर बड़े हमले किए थे। उन ठिकानों में आतंकी ढांचा, हथियार और ऑपरेशन बेस मौजूद थे।
ISIS के खिलाफ युद्ध अभी जारी
हालांकि ISIS पहले के मुकाबले कमजोर हो चुका है, लेकिन वह अब भी सीरिया और आसपास के इलाकों में हमला करने की क्षमता रखता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश उसे पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार हवाई हमले और सैन्य अभियान चला रहे हैं।



