US vs Iran vs Israel: किसके पास कितनी मिलिट्री पावर? जानिए अमेरिका, इजरायल और ईरान के ‘महाविनाशक’ हथियारों का पूरा लेखा-जोखा

दस्तक ब्यूरो: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की निगाहें तीन देशों—अमेरिका, इजरायल और ईरान—की सैन्य ताकत पर टिकी हैं। अगर टकराव बड़े युद्ध में बदलता है तो कौन किस पर भारी पड़ेगा? प्रामाणिक वैश्विक आकलनों जैसे Global Firepower (Global Firepower Index 2025) और Stockholm International Peace Research Institute (SIPRI) के आंकड़ों के आधार पर इन तीनों की ताकत को समझना जरूरी है। अमेरिका और इजरायल तकनीक व संसाधनों में आगे दिखते हैं, लेकिन ईरान की रणनीतिक क्षमता भी कम नहीं आंकी जा सकती।
अमेरिका: दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकत
United States को दुनिया की सबसे ताकतवर मिलिट्री पावर माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत अत्याधुनिक तकनीक, वैश्विक तैनाती की क्षमता और मजबूत लॉजिस्टिक्स हैं।
सैन्य बल: करीब 13 लाख एक्टिव सैनिक और लगभग 8 लाख रिजर्व सैनिक।
रक्षा बजट: लगभग 997 अरब डॉलर—दुनिया में सबसे ज्यादा।
एयर फोर्स व नेवी: 13 हजार से अधिक एयरक्राफ्ट और फाइटर जेट्स। 11 एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ अमेरिकी नौसेना समुद्री प्रभुत्व रखती है।
परमाणु हथियार: 5 हजार से अधिक परमाणु वॉरहेड्स का अनुमान।
सबसे बड़ी ताकत: अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, विशाल रक्षा बजट और वैश्विक सैन्य अड्डों का नेटवर्क।
इजरायल: छोटा देश, हाई-टेक मिलिट्री
आकार में छोटा लेकिन सैन्य दृष्टि से बेहद सक्षम Israel क्वालिटी-आधारित रक्षा रणनीति अपनाता है।
सैन्य बल: लगभग 1.70 लाख एक्टिव सैनिक और 4.65 लाख रिजर्व।
रक्षा बजट: करीब 46.5 अरब डॉलर, हालिया संघर्षों के कारण इसमें वृद्धि।
एयर फोर्स: लगभग 600 एयरक्राफ्ट, जिनमें अमेरिकी मूल के स्टील्थ F-35 फाइटर जेट शामिल।
परमाणु हथियार: करीब 90 परमाणु बम होने का अनुमान, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं।
सबसे बड़ी ताकत: आयरन डोम और Arrow जैसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम, साइबर वॉर में दक्षता और खुफिया एजेंसी Mossad की सक्रियता।
ईरान: मिसाइल और प्रॉक्सी नेटवर्क की ताकत
कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद Iran क्षेत्रीय प्रभाव और मिसाइल क्षमताओं के दम पर खुद को मजबूत बनाए हुए है।
सैन्य बल: लगभग 6.10 लाख एक्टिव सैनिक, 3.5 लाख रिजर्व और 2.2 लाख पैरामिलिट्री फोर्स।
रक्षा बजट: 8 से 15 अरब डॉलर के बीच अनुमानित।
एयर फोर्स: करीब 550 एयरक्राफ्ट, जिनमें अधिकांश पुराने मॉडल।
परमाणु कार्यक्रम: आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियार नहीं, लेकिन न्यूक्लियर प्रोग्राम उन्नत स्तर पर।
सबसे बड़ी ताकत: मिडिल-ईस्ट का बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल जखीरा, ड्रोन टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क।
ताकत का अलग-अलग मॉडल
अमेरिका संसाधनों, टेक्नोलॉजी और वैश्विक पहुंच में सबसे आगे है। इजरायल हाई-टेक सिस्टम और सटीक हमलों की क्षमता के लिए जाना जाता है। वहीं ईरान कम बजट के बावजूद मिसाइल शक्ति और क्षेत्रीय नेटवर्क के सहारे संतुलन बनाने की कोशिश करता है। किसी संभावित टकराव की स्थिति में परिणाम केवल सैन्य संख्या पर नहीं, बल्कि रणनीति, गठबंधनों और भू-राजनीतिक समीकरणों पर भी निर्भर करेगा।



