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US देगा भारत को 47 अरब की Howitzer तोप, चीन-PAK को सबक सीखने में मिलेगी मदद
दस्तक टाइम्स एजेंसी/ नई दिल्ली। अमेरिका भारत के बीच हॉवित्जर तोपों को लेकर डील होगी। जानकारी के मुताबिक अमेरिका भारत को 145 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपें (‘M-777’ तोपें) बेचने के लिए तैयार हो गया है। हॉवित्जर तोप को लेकर होने वाली यह डील 700 मिलियन डॉलर (47.68 अरब रुपए) से ज्यादा की होगी।
एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन ने जो स्वीकृति पत्र (LoA) रक्षा मंत्रालय में दाखिल किया था, इसके आधार पर अगले 180 दिनों में भारत और अमेरिका आमने-सामने बैठकर डील फाइनल कर लेंगी। डील के मुताबिक अल्ट्रा लाइट ‘M-777’ तोपों ( की पहली खेप भारत को सीधे तौर पर भेजी जाएगी। इसके बाद की तोपें 3 साल के अंदर भारत में ही तैयार की जाएंगी। बता दें कि करीब 30 साल पहले भारत ने स्वीडन से बोफोर्स तोपें खरीदी थी। इस डील में कमीशन को लेकर काफी विवाद हुआ था।
भारत के लिए अहम है हॉवित्जर डील
बता दें कि अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को एफ-16 फाइटर जेट बेचे जाने से भारत नाराज चल रहा है। भारत की ओर से इस मामले पर तीखी नाराजगी दर्ज की गई थी। पिछले चार साल में अमेरिका भारत के सबसे बड़े हथियार सप्लायर के रूप में रूस, इजरायल और फ्रांस को पीछे छोड़ चुका है। 2007 से लेकर अब तक भारत और अमेरिका के बीच 13 मिलियन डॉलर के हथियारों की डाल हो चुकी है। डील का 30 पर्सेंट भारत यानी 14.30 अरब रुपए भारत में ही इन्वेस्ट किया जाएगा।
क्यों खास है हॉवित्जर तोप?
– M-777 तोप (हॉवित्जर तोप) 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन का सफाया करने में सक्षम।
– बेहद मजबूत लेकिन हल्के तत्व टाईटेनियम और एल्यूमिनियम की मिश्रण से इस तोप की बॉडी तैयार की गई है।
– 155 एमएम की ये तोप वजन में बहुत हल्की हैं। प्रत्येक तोप का वजन 3745 किलोग्राम है। वजन में हल्के होने के कारण इन्हें पर्वतीय इलाकों में ले जाने में बहुत आसानी होगी।
– भारत कारगिल की लड़ाई में यह सबक सीख चुका है कि तोप अगर हल्की हो तो ज्यादा सहूलियत होगी। चीन और पाकिस्तान से निपटने में होगी आसानी।
– दुश्मनों के ठिकानों पर निशाना लगाने वाली लेजर प्रणाली (लेजर इनर्शियल ऑर्टिलरी पॉइंटिंग सिस्टम) से लैस।
– हल्की होने के कारण इन्हें हेलीकॉप्टर या दूसरे विमान में लाद कर ले जाया जा सकता है।