नई दिल्ली। मधुरिका पाटकर ने शनिवार को त्यागराज स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल में निर्णायक मैच जीत अपनी टीम चेन्नई लायंस को गोवा चैलेंजर्स टेटे के खिलाफ 8-7 से रोमांचक जीत दिला अल्टीमेट टेबल टेनिस (यूटेटे) के तीसरे सीजन के फाइनल में पहुंचा दिया। फाइनल में उसका सामना रविवार को दबंग दिल्ली टेटे से होगा। मधुरिका ने मुकाबले के आखिरी मैच में कदम रखा और इस निर्णायक मैच से पहले दोनों टीमें 6-6 की बराबरी पर थीं। इस मैच में जो भी टीम दो गेम जीतती वह फाइनल में जाती। मधुरिका ने पहला गेम गंवाना के बाद आखिरी के दोनों गेम जीत अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया।
इससे पहले दिन के पहले मैच में महिला एकल वर्ग में चेन्नई की पेट्रीस सोल्जा के सामने गोवा की चेंग आई चिंग थीं। सोल्जा ने अभी तक इस टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया था लेकिन चेंग ने इस मैच में उनकी एक न चलने दी और 3-0 से मात दी। प्रतिद्वंद्विता हालांकि रोचक रही और सोल्जा ने चेंग को कड़ी टक्कर दी। चेंग ने पहला गेम तो आसानी से 11-7 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में सोल्जा ने उन्हें टक्कर दीं लेकिन चेंग 11-9 से यह गेम भी अपने नाम कर ले गईं। तीसरे गेम में चेंग 9-8 से आगे थीं यहां से उन्हें लगातार दो अंक ले 11-8 से तीसरा गेम भी अपने नाम कर सोल्जा को खाली हाथ रखा।
गोवा ने दूसरे मैच में भी अपने विजयी क्रम को जारी रखा। गोवा के अल्वारो रोबेल्स ने चेन्नई के टिएगो अपोलोनिया को 2-1 से मात दी। अल्वारो ने पहला गेम गोल्डन प्वाइंट के आधार पर 11-10 से जीता लेकिन दूसरे गेम में 11-6 से हार गए। तीसरे गेम में अल्वारों ने एक तरफ प्रदशर्न किया और 11-3 से जीत अपनी टीम को 5-1 से आगे कर दिया। सेमीफाइनल के नियमों के मुताबिक गोवा फाइनल में पहुंचने से तीन अंक से दूर थी। अगर वह मिश्रित युगल के अगले मैच में तीनों गेम जीत लेती तो फाइनल में पहुंच जाती लेकिन ऐसा हुआ नहीं और चेन्नई के अंचता शरत कमल तथा सोल्जा की जोड़ी ने गोवा के अमरराज एंथोनी और चेंग की जोड़ी को 3-0 से मात दे अपनी टीम को मैच में वापसा ला दिया। इस जीत के बाद चेन्नई के चार अंक हो गए थे जबकि गोवा के पांच अंक थे।

सेमीफाइनल में जो टीम पहले आठ अंक लेती है वह मुकाबला अपने नाम करती है। शरथ और सोल्जा की जोड़ी ने एंथोनी और चेंग की जोड़ी को 11-5, 11-4,11-8 से हराया। सेमीफाइनल का रोमांच अब असल मायने में कोर्ट पर था और काफी कुछ पुरुष एकल वर्ग के अगले मैच पर था। चेन्नई की जिम्मेदारी शरथ पर थी तो वहीं गोवा ने एंथोनी को उतारा था। एंथोनी ने पहला गेम 11-5 से जीत लिया, लेकिन शरथ ने अगले दो गेम 11-9, 11-10 से जीत मैच 2-1 से अपने नाम किया और स्कोर 6-6 से बराबर कर दिया। मुकाबले का आखिरी मैच महिला एकल वर्ग का था और इस मैच में दोनों टीमों की जीत दांव पर थी। जो टीम दो गेम जीतती उसके हिस्से फाइनल का जमीन आती। चेन्नई की मधुरिका पाटकर और गोवा की अर्चना कामथ आमने-सामने थीं। अर्चना ने पहला गेम 11-6 से जीत अपनी टीम को एक बार फिर आगे कर दिया, लेकिन मैच में रोमांच कम नहीं हो रहा था क्योंकि मधुुरिका ने दूसरे गेम में एकतरफा खेल दिखाते हुए यह गेम 11-8 से जीत मैच का कुल स्कोर एक बार फिर 7-7 से बराबर कर दिया।
तीसरे गेम में भी मधुरिका अपनी बादशाहत कायम रखने में सफल रहीं और यह निणार्यक गेम मधुरिका ने 11-10 से जीत चेन्नई को इस मैच को 2-1 से जिता फाइनल में पहुंचा दिया।