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मेन गेट से जुड़ा वास्तु दोष बनता है गरीबी और परेशानियों का कारण, इन उपायों से हटाएं नेगेटिविटी

नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में किसी भी घर के मुख्य द्वार यानी मेन गेट (Main Gate) को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का प्रवेश मुख्य दरवाजे के माध्यम से ही होता है। इसलिए वास्तु के हिसाब से घर की बनावट तब तक पूरी नहीं मानी जाती, जब तक मुख्य द्वार (Main Door) सही दिशा, आकार और स्थान पर न हो।

मेन गेट के वास्तु दोष और उसके असर
कई बार घर का मेन गेट बनवाते समय वास्तु का ध्यान नहीं रखा जाता, जिससे कुछ वास्तु दोष (Vastu defects) रह जाते हैं। ऐसे दोषों के कारण घर में लगातार परेशानियां, आर्थिक तंगी और नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इन समस्याओं से बचने के लिए मेन गेट की दिशा के अनुसार उपाय करना जरूरी होता है।

दक्षिण दिशा में मेन गेट हो तो यह रंग करें
अगर आपके घर का मेन गेट दक्षिण दिशा (South direction) में बना हुआ है और उसमें वास्तु दोष है, तो इसे सुधारने के लिए मेन गेट पर महरून (Maroon), पेल यैलो (Pale Yellow) या वर्मिलियन रेड (Vermilion Red) यानी नारंगी शेड वाला लाल रंग करवाना चाहिए।

उत्तर दिशा में मेन गेट हो तो लगाएं विंड चाइम
यदि घर का मेन गेट उत्तर दिशा (North direction) में है, तो गेट पर 6 रॉड वाली मेटल विंड चाइम (metal wind chime) लगाना चाहिए। विंड चाइम की आवाज से घर में नकारात्मक ऊर्जा (negativity) दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

(Disclaimer: उपरोक्त दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित सामान्य जानकारियों पर है। हम इसकी पुष्टि या जांच का दावा नहीं करते।)

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