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काशी में वॉलीबॉल महाकुंभ का आगाज : पीएम मोदी का टीम फर्स्ट मंत्र

सीएम योगी ने बताया यूपी के लिए गौरव

सिगरा स्टेडियम से पीएम मोदी वर्चुअल जुड़े, सीएम योगी की मौजूदगी में गूंजा ‘हर-हर महादेव’, देशभर से 58 टीमें, 28 से अधिक राज्यों की भागीदारी ने रचा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत दृश्य

सुरेश गांधी

वाराणसी : धर्म, संस्कृति और अध्यात्म की विश्वविख्यात नगरी काशी ने रविवार को खेल के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नया इतिहास रच दिया। सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह में उपस्थित रहकर प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअल रूप से कार्यक्रम से जुड़े, पूरा स्टेडियम ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत भी “नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव” के उद्घोष से की और देशभर से आए खिलाड़ियों, कोचों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का अभिनंदन किया।

‘टीम फर्स्ट’ ही सफलता की कुंजी : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि वॉलीबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि टीम भावना का जीवंत पाठ है। उन्होंने कहा, “वॉलीबॉल सिखाता है कि कोई अकेला नहीं जीतता। जीत टीम की होती है और वही जीत सबकी जीत बन जाती है। यही भावना हमारे राष्ट्र के लिए भी है, इंडिया फर्स्ट।” प्रधानमंत्री ने बनारसी अंदाज में कहा “बनारस के जानल चाहत हउआ, त बनारस आवे के पड़ी… अब आप सब बनारस आए हैं तो यहां की संस्कृति, परंपरा और अपनापन भी अपने साथ ले जाइए।” उन्होंने खिलाड़ियों से काशी के वातावरण, दर्शकों के उत्साह, बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा की अनुभूति को जीवनभर की स्मृति बनाने का आह्वान किया।

खेल राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम
पीएम मोदी ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम हैं। राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना वर्षों की साधना, अनुशासन और संकल्प का परिणाम होता है। उन्होंने कहा कि काशी की धरती पर यह चैंपियनशिप खिलाड़ियों की मेहनत और तपस्या की अग्निपरीक्षा है। देश के 28 से अधिक राज्यों की 58 टीमों की भागीदारी को उन्होंने ‘एक भारत – श्रेष्ठ भारत’ की सजीव तस्वीर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी केवल मोक्ष की भूमि नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं की भी धरती रही है। कुश्ती, कबड्डी, मुक्केबाजी और नौकायन जैसे खेलों में काशी ने देश को कई श्रेष्ठ खिलाड़ी दिए हैं।

2014 के बाद बदला भारत का खेल मॉडल
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद भारत का खेल मॉडल एथलीट-केंद्रित हुआ है। वैज्ञानिक तरीके से टैलेंट की पहचान, आधुनिक प्रशिक्षण और पोषण, पारदर्शी चयन प्रक्रिया, बढ़ा हुआ खेल बजट, इन सभी प्रयासों से भारत का आत्मविश्वास बदला है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन बेहतर हुआ है। उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया, राष्ट्रीय खेल नीति और खेल संगठनों में पारदर्शिता ने युवाओं को नया मंच दिया है। भारत अब केवल विकास का नहीं, बल्कि खेलों का भी वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

काशी को मिली राष्ट्रीय खेल पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल अवसंरचना में आए बदलावों का लाभ काशी को भी मिला है। जी-20 बैठक, प्रवासी भारतीय सम्मेलन और अब नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप, काशी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का केंद्र बन रही है।

काशी और यूपी के लिए गौरव का क्षण : योगी
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन काशी और उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने प्राचीन विरासत और आधुनिक विकास का अद्भुत मॉडल प्रस्तुत किया है, जिस पर हर भारतवासी गर्व करता है।

खेल जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार
सीएम योगी ने कहा, “खेल केवल समय बिताने का साधन नहीं, बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।” उन्होंने खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का उल्लेख करते हुए कहा कि आज गांव से लेकर शहर तक प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।

45 वर्षों बाद काशी में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप
मुख्यमंत्री ने बताया कि 45 वर्षों बाद वाराणसी में सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में खेलों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित हुई हैं। स्मार्ट सिटी मिशन और साई के साथ हुए एमओयू से खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान देगा और युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा।

पहली बार काशी में इतना बड़ा वॉलीबॉल आयोजन
काशी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। स्टेडियम को रंग-बिरंगे झंडों, बैनर और होर्डिंग्स से भव्य रूप से सजाया गया। मुख्यमंत्री योगी के आगमन पर “मोदी-योगी जल्दी आवा” और “हर-हर महादेव” के नारे गूंजते रहे। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और महापौर अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वंदे मातरम् के गायन के साथ समारोह और भी भावपूर्ण हो उठा। मुख्यमंत्री ने स्टेडियम के विभिन्न खेल प्रभागों का निरीक्षण किया और शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों से संवाद भी किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, मंत्री रविन्द्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी, ओलंपियन आईएएस अधिकारी सुहास एलवाई, कमिश्नर एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे। कहा जा सकता है काशी में वॉलीबॉल महाकुंभ का यह आगाज न सिर्फ खेल आयोजन, बल्कि भारत की बदलती खेल संस्कृति और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया है।

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