उत्तराखंड

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ समेत चारों धाम बर्फबारी से ढके, मैदानी इलाकों में बढ़ी ठिठुरन

लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड में मौसम ने करवट ले ली है। शुक्रवार को प्रदेश के उच्च हिमालयी इलाकों में जोरदार बर्फबारी हुई, जिससे केदारनाथ और बदरीनाथ समेत चारों धाम बर्फ की सफेद चादर में लिपट गए। वहीं, निचले इलाकों में कहीं हल्की बारिश तो कहीं घने बादल छाए रहने से ठंड एक बार फिर लौट आई है और लोगों को कंपकंपाती सर्दी का एहसास हो रहा है।

चारधाम में हुई सीजन की ताजा बर्फबारी

मौसम के बदले मिजाज का सबसे ज्यादा असर चारधाम क्षेत्र में देखने को मिला। केदारनाथ, बदरीनाथ के साथ-साथ गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी दर्ज की गई। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने से तापमान में तेजी से गिरावट आई है, जबकि मैदानी और निचले क्षेत्रों में ठंड और बढ़ गई है।

उत्तरकाशी में बर्फ और बारिश का डबल असर

उत्तरकाशी जनपद में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित कई इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है। वहीं, निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है। इससे पूरे इलाके में कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है। जिला मुख्यालय में सुबह हल्की हवाओं के बाद बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे ठंड और बढ़ गई।

चार महीने बाद मिली बारिश और बर्फबारी से राहत

जानकारी के मुताबिक, मानसून सीजन के बाद से उत्तरकाशी जनपद में लंबे समय तक मौसम शुष्क बना हुआ था। बारिश और बर्फबारी नहीं होने के कारण खेती और बागवानी से जुड़े काश्तकारों की चिंता लगातार बढ़ रही थी। करीब चार महीने बाद हुई वर्षा और बर्फबारी को किसान और बागवान बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं।

हर्षिल घाटी और यमुनाघाटी में लगातार बर्फबारी

आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के अलावा हर्षिल घाटी, यमुनाघाटी के धारी कफनौल, खरसाली समेत कई इलाकों में बर्फबारी हो रही है। बर्फ गिरने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों का तापमान तेजी से लुढ़क गया है।

सेब बागवानों के चेहरे खिले

हर्षिल घाटी के सेब काश्तकारों का कहना है कि इस बार समय पर बर्फबारी नहीं होने से सेब के पेड़ों को जरूरी शीतमान नहीं मिल पा रहा था। बागवान मोहन राणा, संजय पंवार और राजेश पंवार के मुताबिक, अगर अच्छी बर्फबारी होती है तो सेब के पेड़ों की शीत आवश्यकता पूरी होगी। साथ ही, मिट्टी में नमी बढ़ने से खेतों में थोले जैसे जरूरी कार्य भी अब संभव हो पाएंगे।

ठंड ने फिर बढ़ाई मुश्किलें

राज्य के कई हिस्सों में बीते दिनों ठंड लगभग गायब हो गई थी, लेकिन अब मौसम के बदले मिजाज ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक ठंड का असर साफ नजर आ रहा है।


Related Articles

Back to top button