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हिमाचल में मौसम ने ली करवट, बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट—सोलंग से आगे सिर्फ 4×4 वाहनों को इजाजत

अप्रैल की शुरुआत के साथ ही हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी और कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं ने ठंड की वापसी करा दी है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है, जबकि कई जिलों में आज के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, सड़कों पर बढ़ी सतर्कता
बीते 24 घंटों के दौरान लाहौल-स्पीति के गोंधला में 13 सेंटीमीटर और केलांग-हंसा में करीब 7.5 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। अटल टनल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हल्की बर्फबारी जारी है। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सोलंग नाला से आगे केवल फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से बदला मौसम
राज्य के कई हिस्सों में मौसम ने कहर बरपाया है। सराहन, धर्मशाला, जोगिंद्रनगर, बिलासपुर, कल्पा, मनाली, स्लैपर और भुंतर समेत कई क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई है। मंडी जिले में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि हमीरपुर और सुंदरनगर सहित कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

तापमान में गिरावट, अप्रैल में लौटी ठंड
लगातार बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। ताबो में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री, शिमला में 9.4 डिग्री और मनाली में 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ठंड बढ़ने के कारण लोगों ने एक बार फिर गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं ऊना, हमीरपुर और मंडी में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।

10 अप्रैल तक खराब रहेगा मौसम
पूर्वानुमान के अनुसार 5 और 6 अप्रैल को भी प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलेंगी। 7 और 8 अप्रैल को फिर से ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है, जबकि 9 अप्रैल को भी मौसम खराब बना रहेगा। कुल मिलाकर 10 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम के तेवर तल्ख रहने के संकेत हैं।

नया पश्चिमी विक्षोभ बढ़ाएगा असर
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया है। 7 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है।

किसानों-बागवानों की बढ़ी चिंता
अचानक बदले मौसम ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। निचले इलाकों में गेहूं और मटर की फसलों को नुकसान की आशंका है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब और नाशपाती की फसलों पर ओलावृष्टि का असर पड़ सकता है।

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