यूरोप पर बरसे जेलेंस्की: बोले— रूस के खिलाफ चार साल में नाकाम रहा महाद्वीप, यूरोप ने खो दी अपनी सोच और दिशा

दावोस। विश्व आर्थिक मंच के मंच से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यूरोप के सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को चार साल बीत चुके हैं, लेकिन इस दौरान यूरोप कोई ठोस और प्रभावी जवाब देने में असफल रहा। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस के खिलाफ कार्रवाई के मामले में यूरोप न केवल धीमा रहा, बल्कि अंदरूनी तौर पर बंटा हुआ भी नजर आया।
पुतिन पर कार्रवाई क्यों नहीं, मादुरो पर हो सकता है ट्रायल तो सवाल उठाया
जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से सवाल करते हुए कहा कि जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर कोर्ट में पेश किया जा सकता है, तो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को पुतिन की दया पर छोड़ दिया गया है, जो यूरोप की कमजोरी को दर्शाता है।
यूरोप ने खो दिया अपना नजरिया और आत्मविश्वास
अपने संबोधन में जेलेंस्की ने यूरोप की रणनीतिक सोच पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यूरोप ने अपना नजरिया और सोच खो दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने महाद्वीप से अपील की कि वह एकजुट होकर अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करे और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए स्पष्ट नीति अपनाए।
अमेरिका के कदमों का समर्थन करे यूरोप
जेलेंस्की ने यूरोप से यह भी आग्रह किया कि वह अमेरिका द्वारा वेनेजुएला और ईरान को लेकर उठाए जाने वाले कदमों का खुलकर समर्थन करे। उनके मुताबिक, वैश्विक राजनीति में मजबूती तभी आएगी जब यूरोप और अमेरिका एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।
फिल्मी किरदार से की यूरोप की तुलना
अपने भाषण के दौरान जेलेंस्की ने अमेरिकी फिल्म ‘ग्राउंडहॉग डे’ का जिक्र करते हुए यूरोप की तुलना उसके मुख्य किरदार से की। उन्होंने कहा कि जैसे फिल्म का किरदार बार-बार उसी भ्रम और स्थिति में फंसा रहता है, वैसे ही यूरोप भी अपनी मौजूदा हालत से बाहर निकलने को तैयार नहीं दिखता।
एक साल पहले भी दी थी चेतावनी, हालात जस के तस
जेलेंस्की ने याद दिलाया कि ठीक एक वर्ष पहले भी उन्होंने दावोस के मंच से कहा था कि यूरोप को यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह अपनी सुरक्षा कैसे करेगा। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से एक साल बाद भी हालात नहीं बदले हैं और उन्हें वही बात फिर दोहरानी पड़ रही है।
ट्रंप से मुलाकात के बाद आया सख्त बयान
यह तीखा भाषण ऐसे समय आया है, जब जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीब एक घंटे तक एकांत बैठक हुई थी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद ही जेलेंस्की ने यूरोप को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।



