अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने की भारत-पाक से संयम बरतने की अपील

भारतीय वायुसेना की तरफ से पाकिस्तान की सीमा में घुसकर मंगलवार सुबह आतंकी शिविरों पर की गई बमबारी के बाद दोनों देशों के बीच चल रहा तनाव चरम पर पहुंच गया है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पाक समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सीआरपीएफ पर आत्मघाती हमले के जवाब में हुई इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू होने के संकेत मिलने पर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी भी चिंतित हो गई है। सभी देशों ने भारत और पाकिस्तान से संयम बरतते हुए वार्ता से आपसी मतभेद हल करने की अपील की है।
बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ल्यू कांग ने कहा कि हमने इस घटना से संबंधित रिपोर्ट देखी हैं। मैं कहना चाहता हूं कि भारत और पाकिस्तान, दोनों ही दक्षिण एशिया के अहम देश हैं। दोनों देशों के हित और दक्षिण एशिया में शांति व स्थिरता के लिए दोनों सरकारों के बीच अच्छे संबंध और सहयोग होना चाहिए। कांग ने कहा, हमे उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान नियंत्रण रखेंगे और अपने द्विपक्षीय संबंध सुधारेंगे।
यूरोपियन संघ (ईयू) ने भी भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की है। ब्रसेल्स में ईयू के प्रवक्ता माजा कोकिजानकिक ने कहा, हम दोनों देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हमारा मानना है कि अधिकतम अंकुश लगाने और आगे तनाव बढ़ने से रोकने के लिए सभी प्रयास आवश्यक हैं।
उधर, इस एयर स्ट्राइक से कुछ घंटे पहले भारत और पाकिस्तान से आपसी मतभेदों का कूटनीतिक हल तलाशने की अपील करने वाले ब्रिटेन ने भी बाद में दोनों देशों को खुद पर काबू रखने की सलाह दी। एयर स्ट्राइक की खबर आने के बाद ब्रिटेन के विदेश व कॉमनवेल्थ कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश दोनों पक्षों से बात कर रहा है। हम तनाव के उभार से चिंतित हैं और दोनों पक्षों को कोई भी ऐसी कार्रवाई करने से बचने की सलाह दे रहे हैं, जो क्षेत्री शांति व स्थिरता को खतरे में डाल दे।
प्रवक्ता ने कहा, ब्रिटेन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत अपने सभी अंतरराष्ट्रीय साझीदारों के साथ मिलकर प्रयास कर रहा है कि पुलवामा हमले के दोषियों को सजा दी जा सके। इससे पहले एयर स्ट्राइक से महज कुछ घंटे पहले सोमवार रात को ब्रिटेन के विदेश सचिव जेरेम हंट ने सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से फोन पर बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया था।



