जीवनशैली
अब भिंडी से दूर होगा शुगर, यकीन न हो तो आजमाकर देख लीजिए

अगर आप भी मधुमेह से पीड़ित हैं और उसे कंट्रोल रखने के लिए महंगी दवाईयों का सहारा लेते रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। बता दें, अब घर बैठे ही अाप इस समस्या का इलाज भिंडी के इस नुस्खे से कर सकते हैं। वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के। आइए जानते हैं मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए भिंडी का उपयोग कैसे करना है।

उपयोग करने का तरीका-
दो भिंडी लीजिये और उसे आगे और पीछे दोंनो ओर से काट लें। इसमें से एक एक चिपचिपा सफेद तरल बाहर आना शुरू हो जाएगा जिसे आपको धोना नहीं है। जब आप सोने जाएं तब इन कटी हुई भिंडी को पानी के गिलास में डाल दीजिये और गिलास को ढंक दीजिये। सु
दो भिंडी लीजिये और उसे आगे और पीछे दोंनो ओर से काट लें। इसमें से एक एक चिपचिपा सफेद तरल बाहर आना शुरू हो जाएगा जिसे आपको धोना नहीं है। जब आप सोने जाएं तब इन कटी हुई भिंडी को पानी के गिलास में डाल दीजिये और गिलास को ढंक दीजिये। सु
बह होते ही पानी में से कटी हुई भिंडी के टुकडे़ को निकालिये और पानी को पी लीजिये। अगर आपको ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में करना है तो इस विधि को लगातार कुछ महीनों के लिये करें। कच्ची भिंडी आपके लिये जितनी फायदेमंद होगी उतनी पकाई हुई भिंडी बिल्कुल नहीं होगी।
लाभ- किडनी रोग से लडे-
टाइप 2 डायबिटीज होने से किडनी पर भी असर पड़ता है। भिंडी खाने से किडनी की समस्या दूर होती है। तो ऐसे में अगर आप मधुमेह से ग्रस्थ हैं तो भिंडी खाइये।
टाइप 2 डायबिटीज होने से किडनी पर भी असर पड़ता है। भिंडी खाने से किडनी की समस्या दूर होती है। तो ऐसे में अगर आप मधुमेह से ग्रस्थ हैं तो भिंडी खाइये।
लो जीआई फूड-
जीआई का मतलब होता है ग्लाइसिमिक इंडेक्स। हर मधुमेह रोगी को ऐसा अहार खाने की सलाह दी जाती है जिसमें ग्लाइसिमिक इंडेक्स की मात्रा कम हो। भिंडी में केवल 20 प्रतिशत ग्लाइसिमिक इंडेक्स होता है जो कि बहुत ही कम माना जाता है।
जीआई का मतलब होता है ग्लाइसिमिक इंडेक्स। हर मधुमेह रोगी को ऐसा अहार खाने की सलाह दी जाती है जिसमें ग्लाइसिमिक इंडेक्स की मात्रा कम हो। भिंडी में केवल 20 प्रतिशत ग्लाइसिमिक इंडेक्स होता है जो कि बहुत ही कम माना जाता है।