
आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर आयोग गंभीर
लखनऊ। निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रचार अभियानों का गहरी मॉनीटरिंग प्रचिलित निदेर्शों के आधार पर सख्ती से की जाए और साथ ही इसका दैनिक रिकार्ड भी रखा जाए। आयोग ने सभी प्रेक्षकों को इस प्रक्रिया को पूरी तरह से सम्पादित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी वक्ता द्वारा भड़काऊ तथा उत्तेजक भाषण देने से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता है तो ऐसी स्थिति में सम्बन्धित जिला निर्वाचन अधिकारी तथा जिला पुलिस अधीक्षक की यह जिम्मेदारी होगी कि वे आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में निर्धारित नियमों एवं कानून के अन्तर्गत कार्रवाई करें।आयोग ने अपने निर्देश में कहा है कि आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में तथ्यात्मक प्रमाणों के सत्यापन के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक बिना किसी विलम्ब के तत्काल निर्धारित धाराओं के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज करने जैसी कानूनी कार्रवाई करें। आयोग ने एफआईआर दर्ज होने के बाद की जांच आदि पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि एफआईआर पर की गई कार्रवाई से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को तथा मीडिया के माध्यम से जन सामान्य को भी तत्काल अवगत कराया जाए। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जनसभाओं तथा रैलियों की अनुमति प्रदान करते समय राजनैतिक दलों तथा उम्मीदवारों को आचार संहिता की एक प्रति उपलब्ध कराते हुए उन्हें निर्देश दें कि वे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करेंगे।
आचार संहिता का अनुपालन पूरी ईमानदारी से सुनि>ित कराने के लिए आयोग ने निर्देश दिए हंै कि जनसभाओं तथा रैलियों की अनुमति प्रदान करते समय रैली सभा के आयोजन का आवेदन प्रस्तुत करने वाले आयोजक को लिखित निर्देश दिए जाएं कि जनसभा या रैली की समाप्ति के प>ात वह भाषणों की दो सीडी मूल रूप में रैली या सभा समाप्त होने के छह घण्टे के अन्दर अनुमति प्रदानकर्ता अधिकारी को उपलब्ध कराएगा। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जिला निर्वाचन अधिकारी के अपने क्षेत्राधिकार में उत्तेजनात्मक भाषणों आदर्श आचार संहिता या कानून व्यवस्था के गम्भीर रूप से उल्लंघनों की दैनिक सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी को प्रदान करें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा इस तरह प्राप्त सूचनाओं की दैनिक समीक्षा की जाएगी साथ ही मीडिया के माध्यम से इस प्रकार के उत्तेजक भाषणों एवं आदर्श आचार संहिता या कानून व्यवस्था के उल्लंघन के प्रकरण प्रकाश में आने पर एसएमएस या ई-मेल के माध्यम से सम्बन्धित उपनिर्वाचन आयुक्त को सूचना दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक के स्तर पर ऐसे मामलों में की गई कार्रवाई पर नजदीकी नजर रखी जाएगी।