ज्ञान भंडार
आरती के बीच हार्ट अटैक से हुई मौत, अर्थी को कंधा दे श्मशान ले गईं बेटियां


डॉ. सुबोध ने तीनों बेटियों को बेटा समझकर ही पालन पोषण किया और कभी कोई कमी नहीं आने दी। दो बेटियाें की शादी हो चुकी है। उनके निवास पर श्रीमद्भागवत कथा चल रही थी। इस वजह से बेटियां और अन्य मेहमान आए हुए थे। कथा की पूर्ण आरती के दौरान ही हार्ट अटैक से डॉ. सुबोध की मृत्यु हो गई।