इमरान खान ने अंतिम सांस तक संघर्ष की ठानी

इस्लामाबाद। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई में दो लोगों की मौत तथा 450 अन्य के घायल होने के बाद आज विपक्षी नेता इमरान खान ने संकट में घिरे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर दबाव बढ़ाते हुए अपने अंतिम सांस तक संघर्ष करने की ठानी एवं पाकिस्तानियों से अवैध शासन के विरूद्ध बगावत करने का आह्वान किया। खान ने कहा, ‘‘मैं सभी देशवासियों, सरकारी नौकरों, नौकरशाहों, पुलिस से इस अवैध सरकार के खिलाफ बगावत करने की गुजारिश करता हूं।’’ क्रिक्रेट से राजनीति में आए नेता ने अधिकारियों से पीएमएल-एन की अगुवाई वाली सरकार के अवैध आदेशों को नजरअंदाज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने लोगों की आजादी के लिए संघर्ष करते हुए मरने को तैयार हूं। अल्लाह या आजादी या मौत।’’ उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब महज कुछ घंटे पहले पुलिस ने खान और कनाडा में रहने वाले मौलवी ताहिर-उल-कादरी की अगुवाई में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने यहां अति सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रधानमंत्री के सरकारी निवास की ओर कूच किया था। शरीफ पर इस्तीफे के लिए दबाव बनाने के लिए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष खान और पाकिस्तान आवामी तहरीक (पीएटी) के प्रमुख कादरी ने शनिवार को अपने सैकड़ों समर्थकों से प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के सामने प्रदर्शन करने का आदेश दिया था जिसके बाद यह संघर्ष हुआ। प्रधानमंत्री निवास एवं समीप के संसद भवन के बाहर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां दागीं। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी संसद भवन के लॉन में प्रवेश कर गए लेकिन उन्हें मुख्य द्वार की ओर पीछे धकेला गया। संसद भवन परिसर में सेना तैनात है। एक सरकारी अधिकारी के अनुसार करीब 450 घायलों को दो प्रमुख सरकारी संस्थानोंदृदृ पॉलीक्लीनिक और पाकिस्तान इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के साथ संघर्ष में 70 से अधिक पुलिसकर्मी और फ्रंटियर कांस्टबुलरी के पांच कर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारी भी लाठी भांज चला रहे थे और पथराव कर रहे थे। कादरी की पीएटी ने ट्वीट किया कि पुलिस कार्रवाई में उसके सात समर्थक मारे गए लेकिन उसकी आधाकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है।