ट्रम्प बोले- बधाई, अगले हफ्ते किम जोंग से मिलूंगा…

नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के नेताओं के बीच शुक्रवार को हुई ऐतिहासिक बैठक पर यूएस प्रेसिडेंट ने खुशी जताते हुए बधाई दी है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के नेताओं के बीच ऐतिहासिक शिखर वार्ता की तारीफ की है. नॉर्थ कोरिया के सरकारी मीडिया ने कहा कि किम जोंग – उन और दक्षिण कोरिया के प्रेसिडेंट मून जेई – इन के बीच हुई कोरियाई ऐतिहासिक शिखर वार्ता ने एक नए युग के लिए मार्ग प्रशस्त किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऐतिहासिक वार्ता पर बधाई देते हुए व्हाइट हाउस में जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, ” मैं रिपब्लिक ऑफ कोरिया को उत्तर कोरिया के साथ उनकी ऐतिहासिक वार्ता के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं और हम दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई – इन के कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के मंत्र से प्रोत्साहित हैं. मैं आगामी सप्ताहों में किम जोंग – उन से मुलाकात करने वाला हूं. हम उसको लेकर उत्साहित हैं और उम्मीद करते हैं कि वह कामयाब रहेगी.” ट्रंप ने उत्तर कोरिया पर अधिकतम दबाव अभियान में साथ देने के लिए एंजेला का भी शुक्रिया अदा किया.
वार्ता ने शांति के लिए नए युग का मार्ग प्रशस्त किया
प्योंगयोंग की सरकारी मीडिया ने शनिवार को कहा कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग – उन और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई – इन के बीच हुई अंतर – कोरियाई ऐतिहासिक शिखर वार्ता ने एक नए युग के लिए मार्ग प्रशस्त किया है. नॉर्थ कोरिया की समाचार एजेंसी केसीएनए ने कहा, ऐतिहासिक वार्ता ने राष्ट्रीय सुलह, एकता, शांति एवं समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत की है.” दस्तावेजों में दोनों नेताओं ने इस बात की पुष्टि की कि परमाणु मुक्त कोरियाई प्रायद्वीप का साझा लक्ष्य पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के जरिए ही पूरा हो सकता है.
पीस हाउस बिल्डिंग में दोनों नेता मिले थे
नॉर्थ कोरिया कई सालों से यह कहता रहा है कि वह परमाणु हथियारों का अपना खजाना नहीं छोड़ेगा. उसका कहना है कि उसे अमेरिकी आक्रमण से निपटने के लिए इसकी आवश्यकता है. दक्षिण कोरिया के अनुसार सुरक्षा की गारंटी देने पर वह इस पर बातचीत को तैयार है. हालांकि किम ने शिखर वार्ता में सार्वजनिक तौर पर इसका कोई जिक्र नहीं किया. कोरिया युद्ध के बाद कोरियाई देशों को बांटने वाली सैन्य सीमा पार कर दक्षिण जाने वाले किम पहले नेता हैं. शिखर वार्ता के लिए पनमुंजम की युद्धविराम संधि के अधीन आने वाले गांव के दक्षिणी किनारे पर स्थित पीस हाउस बिल्डिंग में दाखिल होने से पहले किम के आमंत्रण पर दोनों नेता एक साथ उत्तर कोरिया में दाखिल हुए थे.