
दस्तक टाइम्स एजेन्सी/ नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की तरफ से एमसीडी को 551 करोड़ का कर्ज जारी किए जाने के बाद भी एमसीडी का संकट फिलहाल टलता नजर नहीं आ रहा है। निगम कर्मियों में न केवल इस पैसे को लेकर विरोध है बल्कि उनकी मांग है कि समस्या का स्थाई हल किया जाए। निगमों ने कहा है कि जो पैसा बतौर कर्ज जारी किया गया है वह उसे अनुदान के तौर पर ही स्वीकार करेंगे और हड़ताल 9वें दिन भी जारी रहेगी।
कर्मचारियों की नई शर्त
इससे पूर्व बुधवार को दिल्ली में दर्जनभर से ज्यादा जगहों पर धरने-प्रदर्शन चलते रहे। एनएच 24 पर लगे जाम ने लोगों को बेहाल कर दिया। एमसीडी के अस्पतालों में भी सन्नाटा दिखा। हड़ताल खत्म करने की मुख्यमंत्री की अपील ठुकराते हुए कर्मचारियों ने नई शर्त रख दी। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक तीनों नगर निगम एक नहीं होते, हड़ताल चलेगी।
नगर निगमों में भारी घोटाले हुए
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया कि ऐसा दिखाने की कोशिश की जा रही है जैसे दिल्ली नगर निगमों में वित्तीय संकट के लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार है। हालांकि निगमों पर पिछले 10 साल से बीजेपी काबिज है। नगर निगमों में भारी घोटाले हुए हैं। निगम कर्मचारियों की हड़ताल के जरिये ऐसी स्थिति पैदा कर दी गई है, जैसे दिल्ली में संकट है।