
मायावती का बांग्ला आवंटित होने के बाद बोले शिवपाल मुझे थी जरुरत , जेड प्लस सुरक्षा मिलने की भी हो रही चर्चा
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से बगावत करने वाले उनके चाचा शिवपाल यादव को योगी सरकार ने वही बंगला आवंटित किया है जो पहले पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के पास था। इस बंगले की खासियत की तो इसमें 12 बेडरूम, 12 ड्रेसिंग रूम, 2 बड़े हॉल, 4 बड़े बरामदे, 2 किचन और स्टाफ क्वर्टर हैं। बंगले में 8 एसी प्लांट और 500 किलोवॉट के साउंड प्रूफ जनरेटर लगे हैं। माना जा रहा है कि अखिलेश से बगावत के बाद तोहफे के तौर पर इसे सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिवपाल को सौंपा है। जब से अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी से अलग हुए शिवपाल यादव को बसपा प्रमुख मायावती वाला सरकारी बंगला मिला है, तब से उत्तर प्रदेश की सियासत में कई तरह के कायासा लगाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व लोकनिर्माण मंत्री एवं समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संस्थापक शिवपाल यादव और योगी सरकार के बीच नजदीकियां लगातार बढ़ रही हैं। सेक्युलर मोर्चा के सूत्रों के मुताबिक, सरकार से करीबी की वजह से ही उन्हें मायावती का बंगला आवंटित कर दिया गया। इस बीच सरकार के सूत्रों की माने तो जल्द ही शिवपाल को भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बराबर जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जा सकती है। गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक, सरकार शिवपाल को भी अखिलेश की तरह ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा देने जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि कोई नहीं कर रहा है, लेकिन सत्ता के गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि बहुत जल्द शिवपाल भी जेड सुरक्षा श्रेणी के तहत कमांडों से घिरे नजर आएंगे। ऐसा बंगला तो योगी सरकार के किसी भी मंत्री के पास नहीं है. वहीं शिवपाल ने इस मुद्दे पर कहा है कि वह बहुत सीनियर विधायक हैं और उन्हें बड़े बंगले की जरूरत थी इसलिए सरकार ने उन्हें ऐसा बंगला दिया है। उनका यह भी दावा है कि वह हमेशा से बीजेपी के खिलाफ रहे हैं और उनकी बीजेपी के साथ किसी तरह की सांठगांठ नहीं है। शिवपाल व मुख्यमंत्री के बीच हुई मुलाकात के बाद सरकार ने शिवपाल के करीबी रिश्तेदार आईएएस अधिकारी अजय यादव की प्रतिनिुयक्ति अवधि बढ़ाने को मंजूरी दे दी। तभी शिवपाल और सरकार के बीच नजदीकी बढ़ने की बात कही जाने लगी थी। माना जा रहा है कि अखिलेश से बगावत के बाद सीएम योगी ने शिवपाल को तोहफे के तौर पर मायावती का पुराना सरकारी बंगला दिया है। हालांकि, शिवपाल भी बीजेपी से नजदीकियों की खबरों का खंडन कर चुके हैं। आपको बता दे की शिवपाल यादव ने उत्तर प्रदेश में नई राजनीतिक पार्टी खड़ी कर दी है। शिवपाल सिंह यादव ने बीते 29 अगस्त को जब समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का गठन किया तो अखिलेश यादव से नाराज चल रहे सपा के नेताओं को एक राजनीतिक प्लेटफॉर्म मिलता हुआ दिखाई दिया। शिवपाल यादव कई बड़े सपा नेताओं को जोड़ने में सफल रहे। इनमें ज्यादातर नेता मुलायम सिंह यादव के संघर्ष के दौर से साथी रहे हैं। फिलहाल वह पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी से दो-दो हाथ करने पर आमादा हैं।