मेधा पाटकर आईसीयू में, स्थिति खतरे से बाहर

इंदौर : सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों के लिए पिछले 12 दिन से अनशन पर बैठने के बाद मध्यप्रदेश के इंदौर के एक निजी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती की गईं नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर की स्थिति अब खतरे से बाहर है। सुश्री पाटकर को कल देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच यहां के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि सुश्री पाटकर को कल देर रात धार से एंबुलेंस में लाया गया। उन्हें सीधे आईसीयू में भर्ती कराकर चिकित्सकों की टीम ने इलाज शुरू कर दिया। सुश्री पाटकर की स्थिति खतरे से बाहर है।
इस बीच जिला प्रशासन ने अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया है। सुश्री पाटकर से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा। पुलिस ने अन्य लोगों के साथ सुश्री पाटकर के साथ आई उनकी दो सहयोगी कार्यकर्ताओं संगीता चौहान और निर्मला जामौद को भी अस्पताल के आईसीयू कक्ष के बाहर रोक दिया। दोनों कार्यकर्ताओं ने बताया कि सुश्री पाटकर बहुत कमजोर हो गई हैं। शुरुआत में उन्होंने सलाइन चढ़वाने से भी इंकार कर दिया था, लेकिन बाद में चिकित्सकों के कहने पर उन्हें सलाइन चढ़ाई गयी। नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित परिवारों के उचित पुनर्वास की मांग को लेकर धार जिले के चिखल्दा में अनशन पर बैठी सुश्री मेधा पाटकर को कल शाम वहां से हटवाकर इंदौर के अस्पताल लाया गया था।