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राष्ट्रपति के बेटे ने की लालू से जेल में मिले

abhi1आज लालू प्रसाद यादव, चारा घोटाले के एक प्रकरण में जेल में हैं, सजायाफ्ता कैदी की हैसियत है उनकी, परन्तु भारत के राष्ट्रपति का बेटा अभिजीत मुखर्जी रविवार को लालू यादव से जेल में मिला और मुलाकात आधा घंटे चली तो चर्चा फैल गई कि इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं।
वैसे तो एक सजायाफ्ता कैदी से मुलाकात के निर्धारित समय में कोई भी कर सकता है, परन्तु सामान्यतः जेल के एक दरवाजे के सीखचों के बाहर मिलने वाले रहते हैं सीखचों के अंदर कैदी और मुलाकात का समय निश्चित होता है, परन्तु अभिजीत की मुलाकात तो बिरसा मुंडा जेल के जेलर के कमरे में होती है। यह वीआईपी मिलन है। लालू की जगह कोई सामान्य कैदी होता तो अपनी पत्नी से भी सामान्य तरीके से जेल नियमों से मिलता, परन्तु यही फर्क है देश के कानून में कि बड़े-बड़े लोगों को सजायाफ्ता होते हुये भी वीआईपी ही माना जाता है और शेष तो सामान्य ही होते हैं।
अभिजीत मुखर्जी पश्चिमी बंगाल के जांगीपुर क्षेत्र से सांसद हैं और भारतीय नागरिक के नाते, सांसद के नाते उन्हें अपने साथी सांसद का हाल-चाल पूछने का अधिकार हैं, इसमें न कोई कानून बाधक है न ही परंपरा, परन्तु वे केवल सांसद भर नहीं देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति की कुर्सी पर विराजे प्रणव मुखर्जी के बेटे भी हैं उनके साथ अपने पिता का रसूख जुड़ा है ऐसे में अगर लोग तरह-तरह की चर्चा करते हैं तो आश्चर्य नहीं है।
लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री रहे, केन्द्र में रेलमंत्री रहे, सजा मिलने तक वे सांसद रहे है, परन्तु अब वे राजनैतिक कैदी नहीं घोषित अपराधी और सजायाफ्ता हैं ऐसे में कम से कम अभिजीत मुखर्जी का मिलना सामान्य भेंट नहीं है इसके भी निहितार्थ होंगे जो आज भले ही समझ न आयें, कल इनका खुलासा होगा।
अगर प्रोटोकॉल की तरह लालू प्रसाद यादव से मिलना आवश्यक होता तो सबसे पहले श्रीमती सोनिया गांधी उनसे मिलती, परन्तु ऐसा नहीं हुआ।
यह पहला अवसर नहीं है जब अभिजीत के कारण प्रणव दा अनावश्यक रूप से चर्चा में आये हों, पहले भी कुछ बयानों को लेकर भी अभिजीत चर्चा में आये थे और इस बार भी उनकी भेंट तो गर्म चर्चा बन गई जिसकी राजनीतिक डोर का अभी तक अता-पता नहीं है।

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