स्वास्थ्य

शारीरिक श्रम रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है

healthफ्लोरिडा (एजेंसी)। एक शोध में दावा किया गया है कि जो लोग शारीरिक श्रम अधिक करते हैं। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। श्रम करने वाले व्यक्ति की दूसरे व्यक्तियों की अपेक्षा श्रम क्षमता अधिक होती है। हाल ही में यूनिर्विसटी आफ फ्लोरिडा के विशेषज्ञों द्वारा किए एक शोध में उन्होंने 6 महीने तक 68 वर्ष के 62 व्यक्तियों जो सप्ताह में तीन दिन वजन उठाने यानी शारीरिक श्रम का कार्य करते थे, की शारीरिक जांच कर पाया कि उनमें फ्री रैडीकल्स की क्षति कम पाई गई। फ्री रैडीकल्स वे मालीक्यूल होते हैं जो सैल और टिशू पर आक्रमण कर उन्हें नुक्सान पहुंचाते हैं और कई बीमारियों की संभावना बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वजन उठाने वाले व्यायाम के कारण शायद उनमें फ्री रैडीकल्स की क्षति कम पाई गई। विशेषज्ञों ने इस शोध में यह अंतर जानने की कोशिश की कि कम वजन या अधिक वजन क्या इस क्षति पर कोई प्रभाव डालता है या नहीं और पाया कि इससे कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता कि कम वजन उठाया जाए या अधिक। सबसे महत्वपूर्ण है शारीरिक व्यायाम। जिस ग्रुप ने बिल्कुल शारीरिक श्रम नहीं किया उनमें शारीरिक श्रम वाले ग्रुप की तुलना में मुक्त रैडीकल्स को 13 प्रतिशत अधिक क्षति पाई गई।  

           

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