
हिसार : रेपिस्ट गुरमीत राम रहीम सिंह के बाद अब अनाचारी रामपाल की बारी है। न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार की अदालत में चल रहे सतलोक आश्रम प्रकरण में बरवाला थाने में दर्ज हुए दो केसों में मंगलवार को फैसला आना है। इसमें आश्रम संचालक रामपाल सहित अन्य आरोपी शामिल हैं। जिन धाराओं के तहत केस दर्ज हैं, उनमें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है। नवंबर 2014 से रामपाल व अन्य अभियुक्त जेल में बंद हैं। बता दें कि उक्त मामलों में बहस पूरी होने के बाद 24 अगस्त को फैसला सुनाया जाना था, मगर 25 अगस्त को पंचकूला सीबीआइ कोर्ट में साध्वी यौन शोषण मामले में डेरामुखी पर संभावित फैसले को लेकर बरवाला पुलिस के आग्रह पर अदालत ने 29 अगस्त निर्धारित की थी।
गौरतलब है कि बरवाला में हिसार-चंडीगढ़ रोड स्थित सतलोक आश्रम में नवंबर 2014 में सरकार के आदेश के बाद पुलिस ने आश्रम संचालक रामपाल के खिलाफ कार्रवाई की थी। पुलिस ने रामपाल को 20 नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बरवाला थाने में सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में एफआइआर नंबर 426 और जबरन बंधक बनाने सहित अन्य धाराओं में एफआइआर नंबर 427 दर्ज की गई थी। दरअसल बाबा राम रहीम पर आने वाले फैसले को लेकर पुलिस ने अदालत से संत रामपाल पर फैसला टालने के लिए गुहार लगाई थी जिसके बाद कोर्ट ने फैसला आज के लिए टाल दिया था। उस वक्त हिसार की सेंट्रल जेल वन में बहस पूरी हो गई थी। संत रामपाल पर आने वाले फैसले को देखते हुए हिसार में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। फैसले को लेकर रोडवेज, रेलवे की सेवाएं, मोबाइल इंटरनेट एहतियात के तौर पर बंद रहेगा। रामपाल के ज्यादातर समर्थक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान सहित दूर दराज के प्रदेशों से आते हैं।