अभी-अभी: मोदी सरकार ने सांसदों के गोद लिए गांवों को दी बड़ी खुशखबरी

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 11 अक्टूबर, 2014 को इस योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को तीन चरणों में तीन-तीन गांवों को गोद लिया जाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना की शुरुआत करते हुए कहा था कि इससे अच्छी राजनीति के दरवाजे खुलेंगे।
मनोज सिन्हा ने कहा कि सरकार ने व्यापक दूरसंचार विकास योजना के माध्यम से बीएसएनएल के मौजूदा ग्रामीण एक्सचेंजों में 25,000 वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है और भविष्य में अन्य सभी एजेंसियां और निजी दूरसंचार ऑपरेटरों को भी पूरे देश में हर पंचायत को वाई-फाई सेवाएं प्रदान करने के लिए इस योजना में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के माध्यम से भारत के 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2017 तक पहले चरण में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत एक लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ा जा चुका है और बाकी के 1.5 लाख ग्राम पंचायतों को मार्च 2019 तक हाई-स्पीड इंटरनेट के माध्यम से जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 15 जुलाई तक 1,13,091 ग्राम पंचायत हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ चुके हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित दस राज्यों में चिह्नित स्थानों पर मोबाइल सेवाएं प्रदान करने के लिए एक योजना लागू की है। इस योजना के तहत पहले चरण में टावरों की स्थापना के लिए उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में 2,355 स्थानों का चयन किया गया था और अब तक इन क्षेत्रों में कुल 2,335 मोबाइल टावर लग भी चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना के दूसरे चरण में कुल 4,072 टावर स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें 23 मई को सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया है।