
कांग्रेस UP में प्रियंका वाड्रा को बना सकती है अपना चेहरा
उप्र में अगले साल होने जा रहे विधान सभा चुनावों के लिए कांग्रेस प्रियंका गांधी वाड्रा को अपना चेहरा बना सकती है। कांग्रेस का मानना है कि इससे पार्टी को राज्य में खोए हुए अगड़ी जातियों के वोट के साथ ही नौजवानों और महिलाओं का साथ भी मिलेगा तथा पार्टी 100 से ज्यादा का आंकड़ा छू सकती है। बताते हैं कि कांग्रेस के नए रणनीतिकार प्रशान्त किशोर ने प्रियंका को लाए जाने के लिए अपनी पहल भी शुरू दी है। इस बारे में प्रशान्त किशोर की सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका के साथ एक बैठक भी हो चुकी है। पर अभी किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका है।
सूत्रों के अनुसार अभी सोनिया और प्रियंका द्वारा कोई हरी झंडी नहीं दी गई है। उधर, राज्य में भी बिहार की तरह ही महागठबंधन बनाने की कोशिशें चल रही हैं। जनतादल यू तो साथ है ही, रालोद को भी साथ लेने की कवायद जारी है। यदि रालोद साथ आ जाता है कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अन्य दलों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। उत्तर प्रदेश में चतुष्कोणीय मुकाबला होना है।
सपा, बसपा, भाजपा की अपने तरह से मतदाताओं पर पकड़ है। ऐसे में कांग्रेस की राह आसान नहीं है। कहने को तो उप्र में कांग्रेस की जड़ें उसकी ऐतिहासिकता की वजह से काफी गहरी हैं, पर पिछले 25 सालों से वह सिमटकर रह गई है। प्रियंका ने भी इस बारे में न तो हामी भरी है और न ही इनकार किया है। यदि प्रियंका उत्तर प्रदेश की चुनावी बागडोर संभालती हैं तो यह पहला मौका जब नेहरू परिवार का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी के लिए उतरेगा। वैसे भी प्रियंका की मांग कांग्रेस के सभी पक्षों की ओर से होती रही है।