
गलत इंजेक्शन से कानपुर में आईआईटी छात्र की मौत, हंगामा
कानपुर। आईआईटी के पीएचडी छात्र आलोक कुमार पांडेय की गलत इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई। भड़के छात्रों ने हेल्थ सेंटर के बाहर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही से सहपाठी की जान चली गई।
हेल्थ सेंटर के डॉक्टर शैलेंद्र किशोर को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए छात्रों ने पोस्टमार्टम व एफआइआर दर्ज कराने की मांग की। देर रात अधिकारियों का घेराव भी किया।
छात्रों को समझाने के लिए निदेशक प्रो. इंद्रानिल मन्ना डिप्टी डायरेक्टर एके चतुर्वेदी, डीन एकेडमिक अफेयर्स नीरज मिश्रा, स्टूडेंट अफेयर्स एआर हरीश मौके पर पहुंचे लेकिन छात्र सहपाठी को इंसाफ दिलाने की मांग पर अड़े रहे।
छात्रों के कड़े तेवर को देखते हुए आईआईटी प्रशासन ने पुलिस को फोन कर दिया। फिर भी छात्र टस से मस नहीं हुए।
परिसर के हाल नंबर 4 में रहने वाले मैटेरियल साइंस प्रोग्राम से पीएचडी कर रहे आलोक कुमार पांडेय को दोपहर में करीब दो बजे कंधे में दर्द की शिकायत हुई थी। मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले इस छात्र का इलाज कराने के लिए लैबमेट पंकज चमौली उसके साथ गए थे।
पंकज का कहना है कि डॉक्टर ने बिना जांच किए उसे इंजेक्शन लगा दिया था। उसके बाद से आलोक की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद यहां से उसे हृदय रोग संस्थान के लिए रेफर कर दिया गया। हृदय रोग संस्थान के डाक्टरों ने जांच के बाद बताया कि छात्र की मृत्यु पहले ही हो चुकी है।
छात्र के मौत की खबर मिलते ही पीएचडी के अलावा बीटेक व एमटेक समेत अन्य कोर्स के सैकड़ों छात्र छात्राओं ने हेल्थ सेंटर का घेराव करते हुए धरने पर बैठ गए।