
गोहत्या के खिलाफ निकले मार्च में मुस्लिम महिलाएं भी हुईं शामिल
अलीगढ़. गोहत्या के विरोध में यूपी के अलीगढ़ में मुस्लिमों ने मंगलवार को पैदल मार्च निकाला। इसमें नेता और मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हुईं। उनके हाथों में बैनर और पोस्टर थे। उन पर लिखा था- ‘हर मुस्लिम की यही पुकार, गोमाता पर न हो अत्याचार।’क्यों निकला मार्च?हाल ही में महोबा में मरा हुआ बछड़ा मिलने के बाद दो समुदायों के बीच तनाव फैल गया था। इस घटना के बाद गुस्साए लोगों ने सब्जी मंडी में कई दुकानों में आग लगा दी थी। इसके बाद शहर मुफ्ती ने अमन कायम रखने के लिए गोहत्या के विरोध में फतवा जारी किया था। इसके बाद यहां से समाजवादी पार्टी के विधायक जमीर उल्लाह खान ने भी एक पहल की। उन्होंने मंगलवार को शहर में ‘गोरक्षा अभियान’ की शुरुआत कर दी। इसी के तहत पैदल मार्च निकाला गया।क्या कहना है विधायक का?विधायक खान ने शहर के एसएसपी जे राघवेंद्र गौड़ से मांग की कि जिस इलाके में गोहत्या का मामला सामने आए, वहां के थाने और चौकी के दारोगा को तत्काल सस्पेंड कर दिया जाए। इसके अलावा, गोहत्या करने वालों पर एनएसए (नेशनल सिक्युरिटी एक्ट) के तहत कार्रवाई हो। खान ने कहा कि हमने कई मौलवियों से इस बारे में चर्चा की। इसके बाद पता चला कि कुरान में भी गोहत्या करने और उसका मांस खाने का जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा, ”हिंदुस्तान में गायों को पूजा जाता है और उन्हें माता का दर्जा दिया जाता है। हम सभी हिंदू भाइयों और गोमाता का आदर करते हैं।”विधायक खान के मुताबिक इस अभियान के तहत अलीगढ़ के टप्पल गांव में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद लोगों को गोरक्षा की शपथ दिलाई गई। यहां पिछले दिनों गोहत्या के एक संदिग्ध मामले के चलते तनाव था। यहीं से 6 लोगों को हिरासत में लिया गया था। खान ने कहा कि हर जुमे की नमाज के बाद इस तरह की शपथ दिलवाने की वे कोशिश करेंगे। इस अभियान के तहत गाय बेचने-खरीदने वालों एक फॉर्म दिया जा रहा है। इसमें लोगों से नाम, पते, आईडी प्रूफ, मोबाइल नंबर के अलावा गाय खरीदने अौर बेचने का मकसद भी पूछा जा रहा है।