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ग्वालियर से इंदौर के लिए मिल सकती है डबल डेकर की सौगात

double-decker_train_11_10_2016ग्वालियर, ब्यूरो। ग्वालियर से इंदौर के लिए डबल डेकर ट्रेन की सौगात मिल सकती है। इस रूट पर नई ट्रेन की डिमांड को लेकर भेजे गए प्रस्ताव को जोनल मुख्यालय से हरी झण्डी मिल गई है। रेलवे ने ग्वालियर-इंदौर रूट पर डबल डेकर चलाए जाने को लेकर सर्वे कार्य भी शुरू कर दिया है। भोपाल-इंदौर के बीच 2013 में एसी डबल डेकर ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था। डबल डेकर इस रूट पर जिस उम्मीद के साथ शुरू की गई थी, वह एक महीने में ही टूट गई थी। डबल डेकर ट्रेन को यात्री ही नहीं मिले।

दो साल तक घाटे में चलने के बाद अंतत: इसे बंद करने का निर्णय लिया गया। इस रूट पर डबल डेकर बंद करने के बाद कुछ अन्य रूटों पर ट्रेन के संचालन को लेकर विचार किया गया। इस बीच ग्वालियर से इंदौर के बीच नई ट्रेन की मांग बढ़ी। नई ट्रेन की डिमांड सामने आने पर मंडल की ओर से डबल डेकर ट्रेन को ग्वालियर-इंदौर के बीच चलाने का प्रस्ताव भेजा गया। जोनल मुख्यालय में इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया गया और हाल ही में ट्रेन के संचालन को लेकर सर्वे करवाने के आदेश मुख्यालय से आ गए। आदेश आने के बाद सर्वे शुरू हो गया है। सर्वे कार्य इसी माह पूर्ण होने की उम्मीद है। इसके बाद सर्वे रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।

इसलिए सफल हो सकती है डबल डेकर रेलवे के जानकारों के अनुसार ग्वालियर-इंदौर रूट पर डबल डेकर सफल हो सकती है। इसका बड़ा कारण है कि ग्वालियर से इंदौर के लिए प्रतिदिन सिर्फ दो ही ट्रेनें है। इसमें ग्वालियर से चलने वाली सिर्फ ग्वालियर-इंदौर इंटरसिटी ही है। मालवा एक्सप्रेस जम्मू से चलती है। इसलिए इसमें जगह मिलना मुश्किल रहता है। साथ ही अन्य चार ट्रेनें और हैं, जो वीकली, वाई-वीकली हैं। ये ट्रेनें भी ग्वालियर से नहीं बनती। इसलिए ये ट्रेनें पहले से ही फुल रहती हैं।

इसके अलावा इंदौर के बीच हर शनिवार को चलने वाली चंडीगढ़ इंदौर एक्‍सप्रेस को अगर छोड़ दिया जाए तो एक भी ट्रेनें सुबह नहीं चलती, जबकि सुबह ग्वालियर से इंदौर के लिए ट्रेन की काफी डिमांड है। इस वजह से डबल डेकर इस रूट पर सफल हो सकती है।

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