
लखनऊ। सूरत और विभूतिखण्ड पुलिस की संयुक्त टीम ने सुपारी लेकर व्यापारी अफरोज को गोली मारने वाले दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। जो छोटे राजनके गुर्गे बताए जा रहे हैं। आरोपियों ने 28 मार्च को सूरत में एक व्यापारी को गोली मार दी थी। जिसके बाद वह फरार हो गये थे। आरोपियों ने दस लाख रुपये में व्यापारी की सुपारी ली थी। गुरूवार को एसआई के.के. जडेजा के नेतृत्व में आई सूरत पुलिस टीम विभूतिखण्ड थाने पहुंची थी। तभी पुलिस को सूचना मिली की अफरोज को गोली मारने वाले बदमाश लोहिया चौराहे के पास मौजूद हैं। सर्विलांस की मदद से विभूतिखण्ड और सूरत पुलिस टीम ने शुक्रवार को आरोपियों को लोहिया चौराहे से गिरफ्तार कर लिया है। जिनमंे कैसरबाग निवासी टीपू सुल्तान उर्फ यामीन उर्ज राजीव और दूसरे ने ठाकुरगंज के रितेश उर्फ चंदन उर्फ आशिफ बताया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियांे ने 28 मार्च 2014 को गुजरात में आफरोज पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। इस हमले में अफरोज की जान बच गई थी लेकिन वह बुरी तरह घायल हो गए थे। इस सनसनीखेज वारदत की तहकीकात कर रही सूरत क्राइम ब्रांच ने कुछ समय पहले छोटा राजन गिरोह के सदस्य मिन्टू मिश्रा को गिरफ्तार किया था। मिन्टू मिश्रा ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने टीपू व रीतेश नामक दो शूटरों को अफरोज की हत्या की सुपारी दस लाख रुपए में दी थी। इसके लिए दोनों को दस हजार रुपए एडवांस भी दिए गए थे। दोनों युवकों ने अफरोज पर फायरिंग की लेकिन उनकी जान बच गई। इसके बाद शूटरों को शेष पैैसा नहीं दिया गया। सूरत क्राइम ब्रांच को कुछ समय पहले सूचना मिली थी कि दोनों युवक लखनऊ के विभूतिखंड में रहते हैं। इसके बाद केके जडेजा के नेतृत्व में सूरत क्राइम ब्रांच की टीम लखनऊ पहुंच गई। शुक्रवार की सुबह दोनों युवकों को विभूतिखंड पुलिस मदद से गिरफ्तार कर लिया गया।