राष्ट्रीय
जयललिता ने कैसे गुजारे अपने 75 दिन जानिए, अस्पताल में


अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, अस्पताल में उनकी देखभाल के लिए तैनात तीन नर्स को वह किंग-कॉंग कह कर बुलाती थीं।
नर्स सीवी शीला के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है, ‘कई बार वह बोलतीं, आप मुझे बताइए क्या करना है, मैं करूंगी। वह हमेशा मुस्कराती रहती थीं, बात करती थीं और ज्यादातर अवरसों पर पूरा सहयोग करती थीं। अत्यधिक मुश्किल परिस्थिति में भी कुछ न कुछ खाने की कोशिश करती थीं। वह एक-एक चम्मच सभी नर्स के लिए और एक चम्मच अपने लिए खाती थीं।’
डॉक्टर रमेश वेंकटरमण के अनुसार अम्मा ने कहा था, ‘ मेरे घर चलो। मैं आप सबको काडाइनाडु की सबसे अच्छी चाय पिलाऊंगी। डॉक्टर और नर्सों को अपने घर आकर चाय पीने की दावत दी थी। लंदन के डॉक्टर रिचर्ड बेले से उन्होंने कहा था कि वह बॉस हैं।’
उनकी डाइट में उनका पसंदीदा उपमा, पोंगल, चावल दही, और आलू करी था, जोकि वहां बनाया जाता था। उनकी देखभाल के लिए लगी 16 लोगों की टीम में शीला, एमवी रेनूका और समूंदीस्वरी थीं।
नर्स सीवी शीला के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है, ‘कई बार वह बोलतीं, आप मुझे बताइए क्या करना है, मैं करूंगी। वह हमेशा मुस्कराती रहती थीं, बात करती थीं और ज्यादातर अवरसों पर पूरा सहयोग करती थीं। अत्यधिक मुश्किल परिस्थिति में भी कुछ न कुछ खाने की कोशिश करती थीं। वह एक-एक चम्मच सभी नर्स के लिए और एक चम्मच अपने लिए खाती थीं।’
डॉक्टर रमेश वेंकटरमण के अनुसार अम्मा ने कहा था, ‘ मेरे घर चलो। मैं आप सबको काडाइनाडु की सबसे अच्छी चाय पिलाऊंगी। डॉक्टर और नर्सों को अपने घर आकर चाय पीने की दावत दी थी। लंदन के डॉक्टर रिचर्ड बेले से उन्होंने कहा था कि वह बॉस हैं।’
उनकी डाइट में उनका पसंदीदा उपमा, पोंगल, चावल दही, और आलू करी था, जोकि वहां बनाया जाता था। उनकी देखभाल के लिए लगी 16 लोगों की टीम में शीला, एमवी रेनूका और समूंदीस्वरी थीं।