देसी पॉर्न देखकर रंगीन हो जाने वालों में दिल्लीवाले नंबर वन

एजेन्सी/ इसमें कोई दो राय नहीं है कि सेक्स सबको आकर्षित करता है. वो चाहे विदेशी हो या देसी हो. अगर आप ऐसा सोचते हैं कि सिर्फ विदेशों में ही पोर्न फिल्में बनती हैं और पोर्न स्टार्स विदेशी होती हैं तो आप बिल्कुल गलत हैं. भारत में भी पोर्न का काम अब जोरो शोरों से होने लगा है. इतना ही नहीं देश में कई अभिनेत्रियां भी हैं जो पोर्न फिल्मों में काम करना पसंद करती हैं. बहरहाल हम आपको बताते चलें कि भारतीयों को देसी पोर्न देखना ज्यादा पसंद है. अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया को मुताबिक पार्न साइट के बारे में खुलासा हुआ कि पार्न को मेट्रो सिटी के लोग सबसे ज्यादा देखना पसंद करते हैं. जिसमें दिल्ली सबसे आगे है. जिसका ट्रैफिक 39.2% आता है.भारत के लोग पोर्न देखते वक्त इंडियन कॉलेज गर्ल्स, बंगाली भाभी और इंडियन आंटी जैसे कीवर्डस ज्यादा ढूंढते हैं. आपको बता दें कि पॉर्नहब फर्म के मुताबिक दिल्ली में ‘ऐस’ सर्च की कैटिगरी में सबसे ऊपर आता है. स्कूल भी सर्च कैटिगरी में काफी देखा गया है. चैन्नै इस मामले में दूसरे नंबर पर है जहां सिर्फ 6% ट्रैफिक आता है.
वैसे आपको बता दें मर्दों की बजाए महिलाएं पोर्न देखना ज्यादा पसंद करती हैं. गौर करें कि पॉर्न असली ज़िन्दगी के सेक्स की तरह नहीं है और ना ही यह सेक्स और अंतरंगता के बारे में जानने का सर्वोत्तम तरीका है. हाल ही में आई एक रिसर्च से ये सामने आया है कि पोर्न देखकर हम अपने पार्टनर से वैसी ही अपेक्षा करना चाहते हैं जो कि संभव नहीं है.
रिसर्च की बारीकियां बताती हैं कि लगातार पोर्न देखने से आम सेक्सुअल एक्टिविटी के लिए भी एक्साइटमेंट खत्म होने का खतरा रहता है. ‘डोपामाइन’ नाम का एक न्यूरोट्रांसमीटर हमारे दिमाग में सेक्सुअल प्लेजर के लिए एक्साइटमेंट को बनाए रखता है. लेकिन जब हम लगातार पोर्न कंटेट देखते हैं तो दिमाग इसका आदि हो जाता है, और फिर धीरे धीरे एक्साइटमेंट खत्म होने लगता है.
आमतौर पर पोर्नोग्राफी का सबसे बडा कारण है कि लोगों को इससे आनंद मिलता है। जब कभी कोई सेक्स क्लिप देखता है तो शरीर में सेक्सुअल हार्मोन का स्त्राव अचानक बढ जाता है। अगर कोई पूरे फोकस के साथ इरोटिक नॉवेल पढता है, तो वह कल्पनाओं में डूब जाता है और फेंटेसी करने लगता है.
एक सेक्सोलॉजिस्ट भी दावा करते हैं कि इंटरनेट पर दिखाया जाने वाला पोर्न नेचुरल सेक्स नहीं होता है. वैसा लोग जब असल जिंदगी में करने की कोश्िाश करते हैं तो ना तो उस लेवल की परफॉर्मेंस दे पाते हैं और ना ही उतना कंफर्ट महसूस करते हैं. इससे निजात पाने के लिए दवाएं तो मौजूद हैं ही, साथ ही ये सलाह भी दी जाती है कि पोर्न देखना थोड़ा कम कर दें.