
हालांकि कुछ यात्रियों ने शुक्रवार रात ही पैदल जाना मुनासिब समझा लेकिन अभी भी बीस हजार यात्रियों के रास्ते में फंसे होने की बात कही जा रही है।
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बीआरओ के अधिकारियों ने शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे तक हाईवे को सुचारु करने का दावा किया था, लेकिन रास्ते में मलबा अधिक आने की वजह से यह रास्ता शाम तक खुलने की संभावना है। गनीमत यह रही कि इस दौरान हाईवे पर कोई यात्रा वाहन नहीं गुजर रहा था।
वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस प्रशासन की ओर से बदरीनाथ धाम सहित यात्रा पड़ाव गौचर, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, चमोली, पीपलकोटी, जोशीमठ, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ में लाउडस्पीकर से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों में शरण लेने की अपील की गई है।
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इधर, जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया है। यात्रा पड़ावों पर रहने और खाने की पर्याप्त सुविधा है। तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। शनिवार को हाईवे सुचारु होने पर तीर्थयात्री अपने गंतव्य को लौट जाएंगे।
बदरीनाथ धाम में बृहस्पतिवार को 10347 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। अभी तक बदरीनाथ में 1,75477 तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम में मौसम सामान्य बना है। तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर ब्रह्मकपाल और अन्य देवालयों के दर्शनों को भी पहुंच रहे हैं।