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भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर फैसला 48 घंटे में: जेटली

Arun-Jaitleyनई दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक पर अध्यादेश लाने को लेकर संशय बनाए रखा और कहा कि इस संबंध में अगले 48 घंटे में फैसला ले लिया जाएगा। जेटली से जब यह पूछा गया कि क्या सरकार ने भूमि अधिग्रहण विधेयक पर अध्यादेश लाने के बारे में फैसला ले लिया है जबाव में उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे प्रतीक्षा कीजिए (भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर फैसले के लिए)। भूमि अधिग्रहण पर इससे पहले जारी अध्यादेश 31 अगस्त को समाप्त हो रहा है। भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को लेकर काफी राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है। इस पर तीन बार अध्यादेश जारी हो चुका है। तीसरी बार जारी अध्यादेश की अवधि 31 अगस्त को समाप्त हो रही है। अध्यादेश के जरिये औद्योगिक परियोजनाओं के लिये भूमि अधिग्रहण को आसान बनाया गया है। सरकार ने कल भूमि विधेयक पर फिर से अध्यादेश लाने के बदले एक सांविधिक आदेश जारी किया है। इस आदेश के जरिये 13 कानूनों के तहत अधिग्रहीत की गई भूमि के एवज में मुआवजा सुनिश्चित करने और भूमि धारकों के सुरक्षा उपाय और पुनरद्धार सुनिश्चित होगा।
जेटली ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कई सवालों के जवाब देते हुए ब्याज दरों में कमी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आठ से दस प्रतिशत आर्थिक वृद्धि हासिल करने के लिए ब्याज दरों में कमी जरूरी है। वित्त मंत्री ने कहा कि यदि हमें 8 प्रतिशत से अधिक अथवा आठ से दस प्रतिशत के दायरे में आर्थिक वृद्धि हासिल करनी है, तो सभी अटकी पड़ी परियोजनाओं (को आगे बढ़ाना होगा) और कर्ज की लागत सस्ती करनी होगी। रिजर्व बैंक ने हालांकि, इस कैलेंडर वर्ष में जनवरी से प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.75 प्रतिशत कटौती की है, लेकिन उसके बाद उसने जून में और इस महीने की शुरुआत में मौद्रिक समीक्षा में यथास्थिति बनाए रखी। हालांकि, बैंक पर वित्त मंत्रालय और उद्योग जगत का दर में कटौती के लिए काफी दबाव था। मौद्रिक नीति की अगली समीक्षा 29 सितंबर को होनी है।

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