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मरने वालों को नहीं, शर्तें पूरी करने वालों को मिलेगा मुआवजा

manohar-lal-khattar-pti-56c8d3ab81b9f_exlstदस्तक टाइम्स एजेंसी/दस्तक टाइम्स एजेंसी/जाट आरक्षण आंदोलन के बाद भड़के उपद्रव में पूरा हरियाणा जल गया। अब सीएम खट्टर ने मुआवजा देने का ऐलान किया है। उपद्रव में अभी तक 25 की मौत हो चुकी है।

हालांकि मुख्यमंत्री सीएम मनोहर लाल खट्टर अभी तक कुल 19 मौत होने का दावा कर रहे हैं। सरकार ने उपद्रव में मरने वालों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है।

हर कोई अभी तक यह मान रहा था कि उपद्रव में मरने वालों सभी के परिजनों को मुआवजा व नौकरी मिलेगी। लेकिन ऐसा नहीं है। सरकार जल्द ही रिटायर्ड उच्च अधिकारियों की एक कमेटी बनाएगी, जो इस पूरे उपद्रव की जांच करेगी। वह तय करेगी कि मृतकों में कौन उपद्रवी था और कौन निर्दोष।

रोहतक आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह भी साफ कर दिया है कि सरकार पूरी जांच कराने के बाद केवल उन मृतकों के परिवारों को ही मुआवजा और नौकरी देगी, जो निर्दोष थे। कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाकर ही मुआवजा और नौकरी मिलेगी। यह कमेटी हर जिले में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही की भी जांच करेगी।

जिनकी दुकानों व प्रतिष्ठानों को फूंका गया है और पीड़ित काफी गरीब है तो उस परिवार के एक सदस्य को नौकरी का प्रावधान करने पर भी विचार किया जा रहा है। सीएम खट्टर ने कहा कि उपद्रव में जिस किसी की दुकान या प्रतिष्ठान को जलाने के अलावा तोड़फोड़ की गई है, उसकी भरपाई सरकार करेगी।

यह देखा जाएगा कि किसका बीमा हुआ है और बीमा होने वाले प्रतिष्ठानों को कंपनी से रुपया दिलाया जाएगा। वहीं जिनका बीमा नहीं होगा, उनको सरकार की ओर से रुपया मिलेगा।

सीएम के अनुसार जिन गरीब लोगों की दुकानों को जलाया गया है, उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी का प्रावधान भी किया जा रहा है। इस तरह सीएम ने पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास किया है और जल्द ही मुआवजा देने की बात कही है।

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