
एजेन्सी/ नई दिल्ली : शहर के सिविल लाइन्स इलाके में अपने पिता की मर्सिडीज से एक व्यक्ति को कथित तौर पर कुचल डालने वाले 17 वर्षीय किशोर पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के उसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछली बार दिल्ली पुलिस ने 17 साल पहले बीएमडब्ल्यू मामले में संजीव नंदा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। 10 जनवरी 1999 को दक्षिण दिल्ली के लोधी कालोनी इलाके में तड़के तेज गति से जा रही बीएमडब्ल्यू कार से कुचल तीन पुलिसकर्मियों सहित 6 लोगों की मौत हो गई थी। यह कार कथित तौर पर नंदा चला रहा था।
सलमान खान मामले में भी मुंबई पुलिस ने ऐसा ही रूख अपनाया था। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को किशोर के पिता, पुरानी दिल्ली में रहने वाले कारोबारी को भादंसं की धारा 109, 304 (गैर इरादतन हत्या के लिए उकसाना) के तहत गिरफ्तार कर लिया। यह कारोबारी सिविल लाइन्स इलाके में एक पॉश कालोनी में रहता है। अधिकारी ने बताया, ‘पिता ने आरोपी को गाड़ी ले जाने से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। यह आपराधिक चूक और कथित किशोर के अपराध को उकसावा देना है।’
इस बीच, पीड़ित सिद्धार्थ शर्मा की बहन ने कल दिल्ली पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा से मुलाकात कर उनसे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया जिसके बाद मामले के जांच अधिकारी को भी बदल दिया गया। यह घटना सोमवार को तब हुई थी जब शर्मा सिविल लाइन्स में लुडलो कैसल स्कूल के समीप सड़क पार कर रहे थे और तेज गति से जा रही मर्सिडीज ने उन्हें टक्कर मार दी थी।
यह कार कम से कम 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी । टक्कर लगने के बाद शर्मा हवा में कई फुट ऊपर उछल गए थे और जिस जगह पर वह खड़े थे वहां से लगभग 15 मीटर दूर जा गिरे थे। इस घटना के बाद युवाओं का समूह गाड़ी से उतरा और कार को वहीं छोड़ कर फरार हो गया।