राजस्थान में प्रजनन दर 2़1 प्रतिशत लाने के लिए हम दो हमारे एक की नीति अपनानी होगी: शर्मा

जयपुर: राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डा रघु शर्मा ने कहा है कि राज्य में प्रजनन दर को 21 प्रतिशत लाने के लिए जनंसख्या नियंत्रण के लिए हम दो हमारे एक की नीति अपनानी होगी। डा शर्मा ने राज्य स्तरीय परिवार कल्याण प्रोत्साहन पुरस्कार वितरण समारोह में आज यह बात कही। उन्होंने कहा कि सैम्पल रजिस्ट्रेशन सर्वे (एसआरएस) 2018 के अनुसार राजस्थान की कुल प्रजनन दर 25 प्रतिशत थी जबकि राष्ट्रीय औसत 22 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि मिलेनियम डवलपमेंट गोल्स के अनुसार हमारा लक्ष्य वर्ष 2025 तक कुल प्रजनन दर को 21 प्रतिशत तक लाना है। इसके लिए हमे जनंसख्या नियंत्रण के लिए हम दो हमारे एक की नीति अपनानी होगी।
उन्होंने बताया कि बढ़ती जनंसख्या की समस्या अब देश के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में विकराल रुप ले चुकी है बढ़ती जनसंख्या के कारण प्रकृति का संतुलन निंरतर बिगड़ता जा रहा है, इससे खाद्यान्न पेयजल, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की समस्याएं हो रही है। उन्होंने कहा कि 11 से 24 जुलाई तक जनंसख्या स्थिरता पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। पखवाड़े की थीम आपदा में भी परिवार की पूरी जिम्मेदारी का संदेश गांव गांव तक पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में संस्थागत प्रसव को शत प्रतिशत करने के विशेष प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि लेबर रुम्स को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने के साथ वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान महिला चिकत्सालायों में संस्थागत प्रसव के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही है। उन्होंने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 2़5 लाख नसबंदी की जाती है।
इस मौके विभाग के सचिव सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत नसबंदी कार्यक्रम में महिलाओं का योगदान लगभग 99 प्रतिशत एवं पुुरुषों का मात्र एक प्रतिशत है जबकि पुरष नसबंदी बहुत आसान है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पुरुष नसबंदी को प्रोत्साहित करने के प्रसास किए जा रहे है।