अपराध

लड़कियों: कोई आपका पीछा करे, तो क्या करें?

बेंगलुरू में एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसमें स्कूटर पर सवार दो युवकों ने एक रात में एक युवती को रोका, छेड़खानी की और फिर उसे सड़क पर गिराकर फ़रार हो गए। बेंगलुरू में नए साल के जश्न के दौरान भी कुछ महिलाओं के साथ ऐसे ही व्यवहार की शिकायत दर्ज हुई थी।

कुछ हफ्ते पहले राजधानी दिल्ली से सटे गुड़गांव के एक मेट्रो स्टेशन पर 32 साल की एक महिला की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। ये हमला कथित तौर पर कई दिनों से उसका पीछा कर रहे एक आदमी ने किया।
पिछले महीने दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक साल से एक औरत का पीछा कर रहे एक आदमी ने खुले-आम कैंची से बार-बार मारकर उसकी हत्या कर दी थी। अगर आप या आपके जाननेवाली किसी औरत के साथ ऐसा हो रहा हो तो ये जानकारी आपकी मदद कर सकती है।

 

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पुलिस को शिकायत

‘स्टॉकिंग’ यानि गलत इरादे से एक औरत का पीछा करने को, अब अपराध माना जाता है जिसके खिलाफ पुलिस में शिकायत की जा सकती है। भारतीय दंड संहिता की धारा 354(डी) के मुताबिक हर वो आदमी ‘स्टॉकिंग’ का अपराधी माना जाएगा जो एक औरत के साफ तौर पर अपना ‘डिसइन्ट्रेस्ट’ यानि असहमति दिखाने के बावजूद उसे संपर्क करने की कोशिश करे, पीछा करे, निजी रिश्ता बनाने की कोशिश करे, ऐसे घूरे या जासूसी करे कि उसकी मानसिक शांति भंग हो और उसमें हिंसा का डर पैदा हो। इस धारा में ‘साइबर स्टॉकिंग’ को भी अपराध माना गया है।

हेल्पलाइन

‘स्टॉकिंग’ समेत औरतों से जुड़ी किसी भी हिंसा या परेशानी की शिकायत के लिए देशभर में कहीं से भी 1091 नंबर पर फोन किया जा सकता है। राजधानी दिल्ली में ‘स्टॉकिंग’ की शिकायतों के लिए 1096 नंबर पर फोन कर विशेष हेल्पलाइन की मदद ली जा सकती है।
ये हेल्पलाइन्स फोन पर दी गई शिकायत को स्थानीय पुलिस थाने को देती हैं जहां औरत शिकायत के रेफरेंस नंबर से एफआईआर समेत आगे की कार्रवाई करवा सकती है।

राष्ट्रीय महिला आयोग

पीड़ित औरत राष्ट्रीय महिला आयोग की वेबसाइट पर जाकर ऑ दर्ज करवा सकती है। शिकायत का एक रसीद नंबर मिलता है। आयोग दस दिन में शिकायत पर विचार करता है जिसके बाद औरत दोबारा संपर्क कर उनसे पुलिस में शिकायत समेत आगे की कार्रवाई के विकल्प समझने के लिए रसीद नंबर के साथ संपर्क कर सकती है।
आयोग की वेबसाइट के इस पन्ने पर ऐसे संगठनों की जानकारी भी है जो औरतों को क़ानून मदद और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं देती हैं।

कानून में कितनी सजा?

पुलिस थाने में शिकायत या हेल्पलाइन या आयोग की मदद लेने के बाद औरत का पीछा करनेवाला आदमी आईपीसी की गैर-जमानती धारा 354(डी) में गिरफ़्तार किया जा सकता है। ‘स्टॉकिंग’ के अपराध के लिए दोषी पाए गए व्यक्ति को कम से कम एक साल और ज़्यादा से ज़्यादा पांच साल की सज़ा हो सकती है। दोषी को जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
‘स्टॉकिंग’ करनेवाला व्यक्ति अगर बलात्कार, हत्या या और कोई हिंसक कार्रवाई के लिए दोषी पाया जाए तो उन धाराओं के तहत सजा दी जाएगी।

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