उत्तर प्रदेश

सीएमएस संस्थापिका डा. भारती गाँधी का जन्मदिन मनाया

लखनऊ। प्रख्यात शिक्षाविद् एवं सिटी मोन्टेसरी स्कूल की संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी का जन्मदिवस आज बड़े ही हर्षोल्लास के साथ आध्यात्मिकता व ईश्वरीय एकता के सद्भावना पूर्ण माहौल में मनाया। जहाँ एक ओर सी.एम.एस. प्रधान कार्यालय पर आयोजित विशेष समारोह में सी.एम.एस. कार्यकर्ताओं ने हर्षोल्लास के साथ डा. गाँधी का जन्मदिन मनाया तो वहीं दूसरी ओर सी.एम.एस. के सभी कैम्पसों में प्रधानाचार्याओं, शिक्षकों व छात्रों ने अपनी आध्यात्मिक अभिभावक एवं प्रेरणास्रोत डा. गाँधी का जन्मदिन मनाया। सी.एम.एस. में अध्ययनरत 55000 छात्रों ने भी अपनी प्रिय निदेशिका के जन्मदिन पर बधाई कार्ड बनाकर अपनी भावनाओं को उकेरा। इस अवसर पर सी.एम.एस. के सभी कैम्पस की प्रधानाचार्याओं एवं 4000 शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत अनेक गणमान्य हस्तियों ने डा. भारती गाँधी को जन्मदिवस की बधाईयाँ देते हुए उनकी दीर्घायु की कामना की। डा. भारती गाँधी को बधाई देने वालों का दिन भर तांता लगा रहा। इस अवसर पर सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए डा. भारती गाँधी ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि सी.एम.एस. के सभी कार्यकर्ता, शिक्षक व छात्र बड़े मनोयोग से एक ऐसे विश्व के नवनिर्माण में जुटे हैं जिसमें आध्यात्मिकता एवं चारित्रिक उत्कृष्टता की भावना समाहित है। उन्होंने कहा कि नया युग शुरू होने वाला है और मुझे हार्दिक प्रसन्नता है कि सी.एम.एस. के कर्तत्यनिष्ठ कार्यकर्ताओं, शिक्षकों व छात्रों की बदौलत ‘विश्व एकता की गूंज’ अब सारे विश्व में सुनाई देने लगी है।

डा. भारती गाँधी शिक्षाविद् एवं समाजसेवी होने के साथ-साथ महिला सशक्तिीकरण की एक स्तम्भ है। आपका सपना है कि महिलाओं व बालिकाओं का उत्थान हो एवं विश्व समाज में उन्हें उचित स्थान व मान-सम्मान मिले। 8 अगस्त 1936 को जिला बुलन्दशहर के अनूपशहर में जन्मीं डा. गाँधी ने बच्चों की शिक्षा-दीक्षा पर विशेष शोध किया है एवं विशेषज्ञता अर्जित की है। डिप्लोमा ऑफ चाइल्ड गाइडेन्स साइकोलॉजिस्ट के पश्चात पी.एच.डी. की डिग्री हासिल की एवं शिक्षा के क्षेत्र में अपने ज्ञान का विस्तार करने हेतु डा. गाँधी ने विभिन्न देशों की शिक्षा प्रणाली का अध्ययन करने हेतु जर्मनी, हालैंड, फ्रांस, सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमरीका, इंग्लैण्ड, अफगानिस्तान, हांगकांग, मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, म्यांमार, इजराइल, ईरान, बेल्जियम, स्लोवाकिया, अफ्रीका आदि कई देशों की यात्राएं की। डा. गाँधी को शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र में की गई उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अब तक अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

 

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