2019 के चुनाव में थ्री मॉडल ईवीएम मशीनों से कराया जाएगा मतदान

आम चुनाव और उप चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की खराबी के कारण परेशानी झेल चुके मतदाताओं और अधिकारियों को लोकसभा चुनाव 2019 में ईवीएम खराबी की समस्या से निजात मिलेगी।
उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर लोकसभा चुनाव 2019 नई एम थ्री मॉडल ईवीएम से कराया जाएगा। प्रदेश के सभी 1.60 लाख से अधिक मतदान बूथों के लिए सितम्बर तक 1.90 लाख से ज्यादा नई ईवीएम सितम्बर तक मिलेगी।
विधानसभा, आम चुनाव, फूलपुर व गोरखपुर के बाद नूरपुर और कैराना उप चुनाव में ईवीएम की खराबी के कारण सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग को कटघरे में खड़ा किया था। मौजूदा ईवीएम 20-25 वर्ष से अधिक पुरानी होने के कारण खराब होने लगी है।
ईवीएम की खराबी से मतदान प्रभावित होने और माहौल खराब होने के साथ मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ईवीएम खराबी के कारण हजारों की संख्या में मतदाता मतदान से भी वंचित रहे हैं।
ईवीएम खराबी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में लोकसभा चुनाव नई ईवीएम से कराने का निर्णय किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू ने बताया कि प्रदेश के 1.60 लाख मतदान बूथों के लिए करीब 1.90 लाख नई ईवीएम का प्रस्ताव भेजा है।
उन्होंने बताया कि सितम्बर तक नई ईवीएम मिलने के बाद बीएलओ और मतदाताओं को उनके उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पुरानी ईवीएम मशीनें वापस निर्वाचन आयोग में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। बाराबंकी, लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य जिलों से भी पुरानी ईवीएम वापस जमा होने लगी हैं।