

शनिवार सुबह ग्राम किलावली के ग्रामीणों ने गांव से कुछ दूर नवलपुर मार्ग पर सड़क किनारे झाड़ियों में गद्दे, चादर में लपेटकर बंधा हुआ शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने चादर खोली तो खून से सना शव उसमें लपेटा था। हत्यारों ने मृतक का सिर, मुंह को बुरी तरह से कुचला था और आंख बाहर निकली थी।
मृतक के जेब से रामपाल लिखा आईकार्ड और शराब का पाउच बरामद हुआ। घटनास्थल के पास तीन चप्पलें और एक टॉर्च पड़ी थी। भरतपुर के प्रधान जीत सिंह ने मृतक की पहचान ग्राम भरतपुर निवासी रामपाल सिंह (46) पुत्र मनसुख सिंह के रूप में करते हुए बताया कि मृतक देवभूमि फ्यूजन फूड प्लांट का सुरक्षा गार्ड है। इसी बीच मृतका का बेटा सुनील भी पहुंच गया। पुलिस को घटनास्थल से एक किलोमीटर पहले ग्राम किलावली में सड़क किनारे फैक्ट्री की कार यूके 18सी-4418 लावारिस हालत में मिली, उसका एक टायर पंक्चर था।
गार्ड रूम में प्लास्टिक की कुर्सी टूटी मिलने के साथ ही अंदर खड़ी साइकिल पर खून के छींटे मिले। गार्ड रूम का फर्श तो साफ था, लेकिन बाहर नाली में जमे खून के थक्के इसी रूम में घटना को अंजाम दिए जाने की ओर इशारा कर रहे थे। अंदेशा है कि बदमाशों ने गार्ड रूम में ही रामपाल की हत्या की और वहीं की गाड़ी में शव रखकर फेंका।
गाड़ी का इस्तेमाल होने से फैक्ट्री में ही किसी का हाथ घटना में होने का शक गहरा रहा है। पुलिस ने छह से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, इनमें से दो वे लोग हैं, जिनसे शुक्रवार शाम मृतक का झगड़ा हुआ था। रात में ड्यूटी के दौरान रामपाल अकेला ही था। एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। बहुत जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
ग्रामीण की हत्या कर शव घर के आगे फेंका
जसपुर (ऊधमसिंह नगर) में किन्नर के साथ ढोलक बजाने वाले ग्रामीण का करीब छह कार सवारों ने पुराना विवाद सुलझाने का भरोसा देकर अपहरण कर लिया और बाद में उसे अधमरा कर घर के बाहर फेंककर फरार हो गए। जब तक परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया तब तक ग्रामीण की सांसें उखड़ चुकी थीं। मृतक की पत्नी ने सात आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आक्रोशित लोगों की सीओ से तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को बरामद करने के साथ ही छह संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पतरामपुर निवासी मगन सिंह (45) जसपुर निवासी चंदा किन्नर के साथ ढोलक बजाता था। बधाई में मिलने वाले रुपयों को वे बांट लेते थे। एक साल पहले चंदा के पास मगन ने काम छोड़ दिया था। वह ग्राम सीपका निवासी प्रीति किन्नर के साथ ढोलक बजा कर बधाई मांगने का कार्य करने लगा। हिसाब में गड़बड़ी के बाद मगन ने छह महीने पहले प्रीति किन्नर के साथ काम छोड़ दिया और फिर से चंदा किन्नर के साथ काम करने लगा।
पुराने हिसाब को लेकर मगन और प्रीति किन्नर के बीच विवाद चल रहा था। मगन की पत्नी राजेन्द्र देवी ने बताया कि शुक्रवार की शाम सात बजे वसीम की गाड़ी में प्रीति किन्नर, बूटा सिंह, कालू प्रधान, हैप्पी सिंह, अवतार सिंह, सन्नी सिंह आए। उन्होंने दोनों बेटों ओमकार, उदयवीर के सामने पति मगन से कहा कि तुम साथ चलो, प्रीति के साथ सारा विवाद खत्म करा देंगे। आरोपी मगन को स्कार्पियो में बैठा कर ले गए। आधी रात को करीब दो बजे ये लोग उसके दरवाजे के सामने पति को अधमरा हालत में फेंककर चले गए। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं और शरीर पर गुम चोटों के निशान थे।
उन्होंने जब तक गांव के डॉक्टर को बुलाया तब तक मगन ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर सीओ जीसी टम्टा, कोतवाल आरके चमोली घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा। उन्होंने पतरामपुर पुलिस चौकी पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप मढ़ा और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
सूचना मिलने पर एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले और एएसपी कमलेश उपाध्याय ने घटनास्थल का मुआयना किया। कोतवाल आरके चमोली ने बताया कि घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो कार को बरामद किया गया है। आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर रवाना कर दिया गया है।