
लखनऊ। सूबे के सभी जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित आयुष में पिछले छः माह से दवाओं की भारी कमी है जिसके कारण आयुष में आने वाले मरीज परेशान हो रहे हैं। बावजूद इसके सीएमओ के यहां से अभी तक दवाओं की आपूर्ति नहीं है। जबकि आयुष के मद में केंद्र सरकार से मिला बजट मार्च के अंतिम सप्ताह में ही सभी मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों के खातों में भेज दिया गया है। गौरतलब हो कि ‘विशेष कारणों’ से सीएमओ ने आयुष दवाओं का बजट अपने पास रोके रखा है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन दावा कर रहे हैं कि जल्द ही आयुष में दवाओं के लिए बजट की व्यवस्था करा दी जाएगी। जब मार्च महीने में ही आयुष दवाओं के लिए बजट सीएमओ के खाते में पहुंच गया है। इसके बाद भी दवाओं की खरीदारी न होना अपने आप में रहस्य है। सूबे के सभी जनपद और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर केंद्र सरकार की तरफ से एनआरएचएम (राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन) के मद से आयुष की स्थापना की गयी है। इसमें यूपी भर में आयुष में लगभग दो हजार आयुर्वेद एवं यूनानी डाक्टरों की तैनाती की गयी थी। एनआरएचएम के तहत आयुष के लिये मिले बजट को सभी सीएमओ को आवंटित कर दिया गया था। जिससे बीते वर्ष आयुष के लिए दवाओं की खरीद करके अप्रैल के प्रथम सप्ताह में सभी केंद्रों पर भेज दिया गया था। यह दवाएं कम जरूर थीं मगर गुणवत्तापूर्ण थीं। जिससे दिसम्बर के अंत तक दवाएं समाप्त हो गयीं। तभी से आयुष में तैनात डाक्टर लगातार दवाओं की मांग कर रहे हैं। मगर सीएमओ के यहां से बार-बार कहा जा रहा है कि अभी बजट नहीं आया है। मार्च के अंतिम सप्ताह में ही आयुष की दवाओं के लिए सभी सीएमओ को बजट आवंटित कर दिया गया। मगर सीएमओ दवाएं क्रय करने के बजाय उसे अपने खाते में रखकर शोभा बढ़ा रहे हैं।