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भारतीय टीम के लिए विलेन बन गया था ये अंपायर, इसलिए भारत हमेशा हार जाता था जीते हुए मैच…

इस दुनिया में अन्‍य खेलों की अपेक्षा क्रिकेट को सबसे अधिक लो‍कप्रियता हासिल हुई है।वहीं अगर बात क्रिकेट खेल की करें तो इस खेल में सबसे अहम भूमिका क्रिकेट बोर्ड के साथ साथ कप्‍तान और दिग्‍गज खिलाडि़यों की होती है,पर इस खेल में महत्‍वपूर्ण भूमिका अंपायर्स की होती है।यही कारण है कि खेल जगत के खिलाड़ियों के साथ ही क्रिकेट प्रेमी भी अंपायर्स का काफी सम्मान करते हैं।
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि आज हम आपको क्रिकेट जगत के ऐसे अंपायर के संबंध बताने वाले है जो भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की नज़र में किसी खलनायक से कम नहीं है,इस अंपायर के गलत फैसलों की वजह से भारतीय टीम को कई महत्वपूर्ण मैचों में हार का सामना करना पड़ा था ये अंपायर क्रिकेट जगत के सबसे विवादित अंपायर्स में से एक है जिसका नाम स्टीव बकनर हैं।यह अंपायर अपना फैसला सुनाने में काफी देर लगाते है,इसके साथ ही इनका हर फैसला भारतीय टीम के लिए किसी प्रहार से कम नहीं होता था,इसी कारण से स्टीव बकनर को’स्लो डेथ’यानि’धीमी मौत’का नाम भी दिया गया था। तो आइए देखे इनके कुछ गलत फैसले जो कुछ इस प्रकार से है…

पहला : 1992 के विश्‍वकप में भारतीय टीम के खिलाफ एक मैच के दौरान साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज जोंटी रोड्स साफ़ तौर पर रन आउट हो गए थे,पर बकनर ने रोड्स को आउट नहीं दिया और न ही रिप्ले के लिए थर्ड अंपायर को रिफर किया,जिसके पश्‍चाम रोड्स ने 91 रनों की पारी खेलकर साउथ अफ्रीका को जीत दिला दी थी।

दूसरा : 1998 में जब शोएब अख्तर से टकराने के पश्‍चात सचिन के आउट होने पर कोलकाता के ईडन गार्डन में दंगा हो गया था उस समय भी सचिन को आउट देने वाले अंपायर स्टीव बकनर ही थे,मैचों के दौरान खिलाड़ियों के मध्‍य एक-दूसरे से छेड़खानी करना काफी आम बात है पर अंपायर होने के बावजूद स्टीव बकनर ने भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ से छेड़छाड़ की थी, ऑस्ट्रेलिया के साथ एक मैच के दौरान बकनर ने राहुल द्रविड़ की नकल उतारी थी।

तीसरा : 2003 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर सचिन तेंदुलकर काफी अच्छे फॉर्म में चल रहे थे, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जेसन गिलेस्पी की एक गेंद सचिन के पैड से काफी ऊपर आकर लगी थी, पर गिलेस्पी ने एलबीडब्लू की अपील कर दी थी, अपील सुनने के पश्‍चात बकनर काफी देर तक शांत खड़े रहे जिसके पश्‍चात उन्होंने अपनी उंगली उठा दी और सचिन बिना खाता खोले ही वापस लौट गए, हालांकि गलत आउट दिए जाने के बावजूद सचिन ने कोई गुस्सा नहीं दिखाया था।

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