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आज प्रधानमंत्री NTPC की 5,200 करोड़ से अधिक की हरित ऊर्जा परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज को राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की हरित ऊर्जा से जुड़ी 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही वह ऊर्जा क्षेत्र की पुर्निनमित वितरण क्षेत्र योजना और राष्ट्रीय सौर रूफटॉप पोर्टल की शुरुआत भी करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ के मुताबिक वह ‘‘उज्जवल भारत उज्जवल भविष्य-पावर@2047’’ के फाइनल में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए शामिल होंगे। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत यह आयोजन 25 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित किया गया है। देश भर में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत पिछले आठ वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में हुए बदलाव को दर्शाया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मोदी एनटीपीसी की हरित ऊर्जा से जुड़ी 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। पीएमओ ने कहा कि वह तेलंगाना में 100 मेगावाट के रामगुंडम फ्लोंिटग सोलर प्रोजेक्ट और केरल में 92 मेगावाट के कयामकुलम फ्लोंिटग सोलर प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। वह राजस्थान में 735 मेगावाट की नोख सौर परियोजना, लेह में ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी प्रोजेक्ट और गुजरात में कवास ग्रीन हाइड्रोजन ब्लेंंिडग के साथ ग्रीन हाइड्रोजन सम्मिश्रण परियोजना की आधारशिला रखेंगे।

पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने बिजली क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की है। इन सुधारों से इस क्षेत्र में बदलाव आया है। सभी के लिए किफायती बिजली उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करते हुए ये सुधार किये गए हैं। पीएमओ ने कहा कि लगभग 18,000 गांवों का विद्युतीकरण, जिनके पास पहले बिजली आपूर्ति की सुविधा नहीं थी, अंतिम सिरे पर खड़े व्यक्ति को लाभ देने से जुड़ी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

रामागुंडम परियोजना भारत की सबसे बड़ी फ्लोंिटग सोलर परियोजना है, जिसमें 4.5 लाख ‘मेड इन इंडिया’ सोलर पीवी मॉड्यूल हैं। कायमकुलम परियोजना दूसरी सबसे बड़ी फ्लोंिटग सोलर परियोजना है, जिसमें पानी पर तैरते 3 लाख ‘मेड इन इंडिया’ सोलर पीवी पैनल शामिल हैं। राजस्थान के जैसलमेर के नोख में 735 मेगावाट की सौर पीवी परियोजना घरेलू सामग्री की आवश्यकता पर आधारित भारत की सबसे बड़ी सौर परियोजना है, जिसमें एक ही स्थान पर 1000 मेगावाट पैनल हैं, जिनमें ट्रैकर सिस्टम के साथ उच्च-वाट क्षमता से युक्त दो तरफ वाले पीवी मॉड्यूल लगे हैं।

लेह, लद्दाख में ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी प्रोजेक्ट एक पायलट परियोजना है, जिसका उद्देश्य लेह और उसके आसपास पांच फ्यूल सेल बसों का परिचालन करना है। पीएमओ ने कहा कि इस पायलट परियोजना के तहत भारत में सार्वजनिक उपयोग के लिए फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहनों की पहली तैनाती की जाएगी। एनटीपीसी कवास टाउनशिप स्थित ग्रीन हाइड्रोजन सम्मिश्रण की पायलट परियोजना, प्राकृतिक गैस के उपयोग को कम करने में मदद करने वाली भारत की पहली ग्रीन हाइड्रोजन सम्मिश्रण परियोजना होगी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सोलर रूफटॉप पोर्टल का भी शुभारम्भ करेंगे, जो रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया की आॅनलाइन ट्रैंिकग को सक्षम करेगा। इसमें आवेदन दर्ज करने से लेकर आवासीय उपभोक्ताओं के बैंक खातों में संयंत्र की स्थापना और निरीक्षण के बाद सब्सिडी जारी करना तक शामिल हैं।

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