भिखारी के घर में आग, तीन बोरी रुपए हुए खाक

मुंबई अमबीवली के रहने वाले 70 साल के एक भिखारी को उस वक्त सदमा लग गया, जब उसकी तीन बोरियों में भरी कमाई कुछ की मिनट में जलकर राख हो गई। मोहम्मद रहमान नाम के भिखारी ने अपनी कमाई की गई रकम तीन बोरियों में भरकर रखी हुई थी। बोरियों में 10 से 50 रुपए तक के नोट और सिक्के थे। ये बोरियां उसने लाहूजी नगर में स्थित अपनी झोपड़ी में रख हुई थीं। जिसमें बुधवार को आग लग गई।
पुलिस का कहना है कि यह अंदाजा लगाना मुश्मिल है कि आग में रहमान के कितने रुपए जले हैं, क्योंकि उसने कभी भी उन्हें गिना नहीं था। उसने अपनी पत्नी फातिमा से छुपाकर ये रुपए अपनी झोपड़ी में छुपा रखे थे। आग सुबह करीब तीन बजे उस वक्त लगी जब फातिमा घर में अकेली थी। आग मोमबती के गिर जाने की वजह से लगी है। रहमान उस वक्त कसारा क्षेत्र में था। आग लगने पर फातिमा तो झोपड़ी से बाहर निकल गई। लेकिन उसे ये नहीं पता था कि उन बोरियों में पैसे भरे हैं, इसलिए उसने उन्हें बचाने की कोई कोशिश नहीं की। आग के ज्यादा बढऩे पर पड़ोसियों ने फायर ब्रिगेड को बुलाया, जिसनेआग पर काबू पाया। एक फायरमैन ने बताया कि दो बैग तो पूरी तरह से जल गए थे, लेकिन तीसरी बोरी के कुछ रुपए बचाने में वे कामयाब रहे।
रहमान पहले बतौर कारपेंटर काम करते थे। बुढापा आने पर उनके बेटों ने उनका ख्याल रखने से इंकार कर दिया, जिसके बाद वे सड़कों पर भीख मांगने के लिए मजबूर हो गए।