
नई दिल्ली : सोते वक्त लोग अलग-अलग तरीके से सोते हैं. कोई दाएं और करवट लेकर सोता है तो कोई बाईं और करवट लेकर सोता (sleeping on side) है. कोई पेट के बल सोता है तो किसी को पीठ के बल सोना पसंद होता है. सोने के तरीके से आपकी सेहत पर भी फर्क पड़ता है. इसलिए यह जरूरी है कि जब आप सोए तो सही अवस्था में सोए। कुछ लोगों का मानना होता है कि दाईं ओर करवट करके सोना सही होता है. तो वहीं कुछ लोगों का मानना होता है कि बाईं ओर करवट करके सोना सही रहता है. तो वहीं कुछ लोगों का कहना कि दाईं ओर करवट करके सोना सही रहता है.
डॉक्टर और विशेषज्ञों के अनुसार बाईं ओर करवट लेकर सोने को सेहत के लिए सही माना गया है. इस अवस्था में अगर आप सोते हैं. तो आपके शरीर के अंग सही से काम करते हैं. बाई ओर दिल भी होता है. जिस वजह से अगर कोई बाईं ओर करवट लेके सोता है. तो फिर दिल में सही से ब्लड सर्कुलेशन होता है. शरीर के बाकी हिस्सों में भी सही से ब्लड की सप्लाई होती है. बाईं ओर करवट करने से शरीर का डाइजेशन भी सही रहता है. इसके साथ ही लीवर भी हेल्दी रहता है. इस तरह सोने से किडनी पर भी दवाब नहीं पड़ता।
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं. जिन्हें दाईं ओर करवट लेकर सोने की आदत होती है. तो ऐसे लोगों को बता दें कि दाईं ओर करवट लेके सोने के लेकर डॉक्टर सही नहीं मानते हैं. डॉक्टर्स बताते हैं कि दाईं ओर करवट लेकर सोने से लीवर को लेकर समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसके साथ ही अग्नाशय और आंते भी प्रभावित हो सकती हैं. दाईं ओर करवट लेकर सोने से कंधे में और गर्दन में दर्द की समस्या हो सकती है. और इससे खर्रांटे भी आते हैं. इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि बाईं ओर करवट लेकर सोना सही रहता है।



