AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मांगा न्याय; सरकार से नफरत, कट्टरता खत्म करने की अपील की

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाज़ियाबाद (Ghaziabad) में गुरुवार को एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM chief Asaduddin Owaisi) पर जानलेवा हमला हुआ। जिसके बाद केंद्र ने उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा दी। लेकिन ओवैसी ने सुरक्षा लेने से साफ मना कर दिया है। AIMIM प्रमुख ने शुक्रवार को लोकसभा में बोलते हुए इस मामले में न्याय की मांग की है। साथ ही सरकार से नफरत, कट्टरता खत्म करने की भी अपील की।
मुझे Z कैटेगरी की सुरक्षा नहीं चाहिए
असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में कहा कि, “मैं सिक्योरिटी नहीं लूंगा। मुझे Z कैटेगरी की सुरक्षा नहीं चाहिए, मुझे A कैटेगरी का शहरी बनाइए, ताकि मेरी और आपकी ज़िंदगी बराबर हो। उन्होंने कहा, “मैं चुप नहीं रहूंगा। कृपया न्याय करें। उन पर (निशानेबाजों पर) यूएपीए (UAPA) का आरोप लगाए। वहीं सरकार नफरत, कट्टरता खत्म करें।”
कट्टरता ने कई नेताओं को मार डाला
वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने कहा, “मैंने 2015 में संसद में सभी धर्मों के लिए एक डी-रेडिकलाइजेशन समूह स्थापित करने के लिए कहा था। कट्टरता ने महात्मा गांधी समेत हमारे दो पूर्व प्रधानमंत्रियों और कई अन्य नेताओं को मार डाला।”
धर्म संसद में ओवैसी को मारने की बात
AIMIM सांसद ने कहा, “उनके (निशानेबाज) कई लोग हैं। प्रयागराज में हाल ही में एक तथाकथित ‘धर्म संसद’ आयोजित की गई, जहां लोगों ने खड़े होकर मुझे मारने की बात कही। सरकार इन तत्वों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?”
गौरतलब है कि, गुरुवार को असदुद्दीन ओवैसी मेरठ से चुनाव प्रचार कर वापस लौट रहे थे, तभी गाजियाबाद के डासना स्थित टोल नाके पर तीन-चार हमलावरों ने ओवैसी के काफिले पर गोलीबारी की। हमलावरों ने ओवैसी की गाड़ी पर करीब चार राउंड फायरिंग की। हालांकि अच्छी बात यह रही कि इस हमले में ओवैसी को कोई चोट नहीं आई।
वहीं, इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की। आरोपियों का कहना है कि ये लोग ओवैसी की बयानबाजी से गुस्से में थे, जिसके बाद उन्होंने उनकी कार पर गोली चलाने का कदम उठाया।