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​तीनों सेनाएं ​किसी भी स्थिति के लिए तैयार: जनरल बिपिन रावत

​तीनों सेनाएं ​किसी भी स्थिति के लिए तैयार: जनरल बिपिन रावत
​तीनों सेनाएं ​किसी भी स्थिति के लिए तैयार: जनरल बिपिन रावत

सैन्य बलों के प्रमुख (सीडीएस) ​जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ​भारतीय सेना चीन और पाकिस्तान से एक साथ निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।​ ​सेना ​को 15 दिन ​के पूर्ण युद्ध के लिए गोला-बारूद ​का स्टॉक इकट्ठा करने का अधिकार दिए जाने के मुद्दे पर सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सभी बलों को ​​किसी भी स्थिति के लिए तैयार ​रहने का निर्देश दिया गया है​​। ​​​​पहले ​सेना 10 दिन ​का स्टॉक रख सकती थी लेकिन लद्दाख में चीन से तनाव के बीच भारतीय सेना ने अब युद्ध की तैयारी को बढ़ा ​दी है​​।

नौसेना के लिए स्टील्थ फ्रिगेट के जलावतरण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रावत ने कहा कि​ ​​हम पूरी तरह से तैयार हैं और किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना कर सकते हैं। ​​जनरल विपिन रावत से जब पाकिस्तान द्वारा लगातार किए जाने वाले सीजफायर को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा​ कि ​दूसरे पक्ष को अधिक चिंतित होना चाहिए। ​​​मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम किसी भी घटना के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिसका हमें सामना करना पड़ सकता है। ​​सशस्त्र बलों ​को 15 दिन ​के पूर्ण युद्ध के लिए गोला-बारूद ​का स्टॉक इकट्ठा करने का अधिकार देकर किसी भी स्थिति के लिए तैयार ​रहने का निर्देश दिया गया है​​।

चीन ​की तरफ से ​​वास्तविक नियंत्रण रेखा​ की ​वस्तुस्थिति बदलने की कोशिश ​के चलते एलएसी पर ​​सशस्त्र बलों की ​उच्च स्तरीय ​तैनाती करना जरूरी हो ​गया था​​।​ ​​अब वहां ​​भारतीय सेना ​चीन से ​पूरी तरह ​निपटने के लिए तैयार है​ क्योंकि सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा बल धरती, आसमान या समुद्र में अपनी ​भूमि की सुरक्षा को लेकर कोई कोर कसर नहीं ​छोड़ेंगे​​​​​।​​​​ उन्होंने कहा कि लद्दाख में हमारे साथ गतिरोध ब​ने रहने के साथ ही ​​चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में कुछ निर्माण गतिविधियां चल रही ​हैं, जिन पर भारत की नजर है​।​ अपने सामरिक हित को देखते हुए हर देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारी करेगा​​​​।

​बिपिन रावत ने कहा कि अब समय आ गया है कि​ भविष्य में युद्ध लड़ने की तकनीक ​को बदला जाए​​।​ ​हमें उत्तरी सीमाओं पर किसी भी खतरे या चुनौतियों का सामना करने के लिए पर्याप्त बल मिला है​​।​ हमने चीनी पक्ष के लद्दाख स्वायत्त में कुछ गतिविधियों पर ध्यान दिया है​ और हम इन सभी डेवलेपमेंट पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं​​।​

हमने अपने पक्ष में कुछ कदम भी उठाए हैं​, इसलिए हम किसी भी चुनौती से पूरी तरह से निपटने के लिए तैयार हैं​​।​ ​​​​उन्होंने कहा कि ​​बल के आधार पर हम (भारत) ​और चीन ​बराबर हैं लेकिन अब हम तकनीक पर काम कर रहे हैं और सीमाएं सुरक्षित हैं​​​।​​ हमारे पास उत्तरी सीमाओं पर किसी भी खतरे या चुनौतियों का सामना करने के लिए पर्याप्त बल है​​​​​​।​​

नीलगिरी श्रेणी ​का युद्धपोत​​ ‘हिमगिरी’ ​​लांच

​कोलकाता में ​सोमवार को नीलगिरी श्रेणी के दूसरे स्टील्थ फ्रिगेट ‘हिमगिरी’ को लांच किया गया​​।​ इसका निर्माण ​गार्डनरीच शिपबिल्डर्स (जीआरएस​ई) ​ने ​नौसेना​ के​ लिए प्रोजेक्ट पी​​-17ए के तहत किया है​।​ ​​​मझगांव डॉक और ​​जीआरएसई में कुल सात स्टील्थ फ्रिगेट बनाए जा​ने हैं।​​

इनका नाम​करण​ भारत ​की पहाड़ी श्रृंखलाओं के नाम पर ​किया गया ​है जिसमें नीलगिरि, हिमगिरि, तारगिरी, उद्योगगिरि, दुनागिरि, विंध्यगिरि और महेंद्रगिरी हैं​​। ​पहले स्टील्थ फ्रिगेट ​’नीलगिरी’ ​का निर्माण 2017 में शुरू हुआ और ​28 ​सितम्बर,​ 2019​ को लांच किया गया था​​​।​​​ ​​​​​नीलगिरी श्रेणी के​ तीन और स्टील्थ फ्रिगेट ​​​मझगांव डॉक​ में बनाये जा रहे हैं​​​।

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​इसी तरह ​प्रोजेक्ट पी​​-17ए के तहत नीलगिरी श्रेणी के 3 ‘हिमगिरी’ स्टील्थ फ्रिगेट का निर्माण ​जीआरएसई कर रहा है​।​इसका पहला स्टील्थ फ्रिगेट आज लांच किया गया है​। सभी सात स्टील्थ फ्रिगेट के अगस्त, 2022 तक ​नौसेना में शामिल होने की उम्मीद है​​​​।​

प्रत्येक स्टील्थ फ्रिगेट ​की अनुमानित लागत 4,000 करोड़ ​रुपये से ​ज्यादा है और कुल सौदा 45​ हजार करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है​​​​।​​​ भारत की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने परियोजना 17ए डिजाइन-कम-निर्माण कार्यक्रम को शुरू करने के रक्षा मंत्रालय के प्रस्ताव को सितम्बर, 2012 में मंजूरी दी थी।​​​

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